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काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में 21 से 25 फरवरी तक गूंजेगा युवा महोत्सव ‘स्पन्दन–2026’

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वाराणसी। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में 21 से 25 फरवरी 2026 तक अन्तर संकाय युवा महोत्सव ‘स्पन्दन–2026’ का आयोजन किया जाएगा। यह पांच दिवसीय सांस्कृतिक उत्सव विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच देने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। संगीत, कला, साहित्य और रंगमंच के विविध आयामों के माध्यम से युवा अपनी सृजनात्मक ऊर्जा को अभिव्यक्त करते हैं।

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महोत्सव का मुख्य आयोजन स्थल विश्वविद्यालय एम्फीथियेटर परिसर में बनाया गया पंडाल होगा। इसके अलावा पं. ओंकार नाथ ठाकुर प्रेक्षागृह, डॉ. के. एन. उडुपा प्रेक्षागृह, स्वतंत्रता भवन, दृश्य कला संकाय सभागार, डी. कारण सिंह सभागार, मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र सभागार, कृषि विज्ञान संस्थान प्रेक्षागृह और विधि संकाय में भी प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। विश्वविद्यालय के सभी संस्थान, संकाय, महिला महाविद्यालय, दक्षिणी परिसर बरकछा और सम्बद्ध महाविद्यालय इसमें भाग लेंगे।

40 से अधिक प्रतियोगिताओं में दिखेगी प्रतिभा

स्पन्दन–2026 के अंतर्गत संगीत, नृत्य, साहित्य, अभिनय और ललित कला की लगभग 40 प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इनमें शोभायात्रा, मेहंदी, रचनात्मक नृत्य, कोरियोग्राफी, वाद्य वादन, सितार वादन, लघु नाटिका, भाषण, निबंध लेखन, कविता पाठ, लोक एवं जनजातीय नृत्य, रंगोली, वाद-विवाद, एकल एवं सामूहिक गायन, प्रश्नोत्तरी, पोस्टर व कार्टून निर्माण, कोलाज और तत्काल चित्रकला जैसी प्रतियोगिताएं शामिल हैं।

उद्घाटन और समापन समारोह

21 फरवरी को शाम 4 बजे महोत्सव का उद्घाटन होगा। उद्घाटन समारोह में देश की प्रसिद्ध गायिका मालिनी अवस्थी मुख्य अतिथि के रूप में 90 मिनट की प्रस्तुति देंगी। समापन 25 फरवरी को प्रसिद्ध गीतकार समीर अंजान की उपस्थिति में होगा।

14 समितियां संभालेंगी जिम्मेदारी

महोत्सव के सफल संचालन के लिए कुलपति के मार्गदर्शन में 14 आयोजन समितियां गठित की गई हैं। प्रो. बी. सी. कापड़ी को संयोजक और प्रो. आरती निर्मल को सह-संयोजक नामित किया गया है। विभिन्न स्थलों के लिए अलग-अलग समन्वयक नियुक्त किए गए हैं। आयोजन में विश्वविद्यालय के अध्यापक, अधिकारी और कर्मचारी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

पूर्णतः विद्यार्थियों के लिए समर्पित इस महोत्सव में संचालन और संयोजन की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी छात्रों के हाथों में होगी। पांच दिनों तक परिसर सांस्कृतिक रंगों से सराबोर रहेगा और युवा प्रतिभाएं अपनी सृजनशीलता से नए आयाम स्थापित करेंगी।

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