वाराणसी। आईपीएल के आगाज के साथ ही काशी में सट्टेबाजी का अवैध कारोबार एक बार फिर सक्रिय हो गया है। पहले ही मैच के साथ शहर में सटोरियों ने अपनी पिच तैयार कर ली है। मुंबई, दिल्ली, जयपुर और कोलकाता जैसे बड़े शहरों में बैठे बड़े बुकी अब काशी और पूर्वांचल में अपने एजेंटों के जरिए इस पूरे नेटवर्क को संचालित कर रहे हैं। मोबाइल के माध्यम से आईडी, पासवर्ड और पॉइंट देकर लोगों को जोड़ने का सिलसिला तेज हो गया है, जिसमें खास तौर पर युवाओं को निशाना बनाया जा रहा है।

सूत्रों के मुताबिक सट्टेबाजी का यह नेटवर्क अब पूरी तरह हाईटेक हो चुका है। एजेंट मोबाइल के जरिए खिलाड़ियों को ऑनलाइन आईडी उपलब्ध कराते हैं, जिनमें पॉइंट डाले जाते हैं और इन्हीं पॉइंट्स के आधार पर हार-जीत तय होती है। हर गेंद के साथ रेट बदलते हैं और कितना दांव लगाना है या कितना बढ़ाना है, इसका फैसला बड़े बुकी करते हैं। पैसों का लेनदेन अधिकतर नकद में होता है, जबकि कई मामलों में बैंक खातों का भी इस्तेमाल किया जाता है।
खुफिया सूत्रों के अनुसार कई सटोरिये होटल, गेस्ट हाउस और किराए के फ्लैट्स से अपना नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। कुछ मामलों में Airbnb के जरिए फ्लैट लेकर सट्टेबाजी का संचालन करने की जानकारी भी सामने आई है।
इस बीच आईपीएल शुरू होते ही कमिश्नरेट पुलिस, एसटीएफ, क्राइम ब्रांच और एलआईयू समेत कई एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं। पहले से चिन्हित सटोरियों और जेल जा चुके आरोपियों को रडार पर रखा गया है। गली-मोहल्लों और कॉलोनियों में मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया है, वहीं बैंक खातों पर भी कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जनहित में अपील की गई है कि यदि कहीं भी सट्टेबाजी से जुड़ी गतिविधि दिखाई दे तो व्हाट्सएप नंबर 7309728159 पर सूचना दें, ताकि उसकी पुष्टि कर प्रशासन तक मामला पहुंचाया जा सके। कई परिवार इस अवैध खेल के कारण बर्बाद हो चुके हैं, इसलिए समाज की जागरूकता बेहद जरूरी है।