
वाराणसी। प्रधानमंत्री द्वारा देशवासियों से एक वर्ष तक सोना न खरीदने और तेल की खपत कम करने की अपील के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। वाराणसी नगर निगम के हर शनिवार “नो फ्यूल डे” मनाने के फैसले के बीच चंदौली के सांसद ने केंद्र सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोला है।

सांसद वीरेंद्र सिंह ने तंज कसते हुए कहा कि जो प्रधानमंत्री दिन में कई बार कपड़े बदलते हैं और लगातार हवाई व विदेशी यात्राएं करते हैं, उन्हें जनता को उपदेश देने से पहले स्वयं सादगी अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार केवल प्रतीकात्मक अपीलों के जरिए जनता का ध्यान असली मुद्दों से हटाने का प्रयास कर रही है।
उन्होंने समर्थकों पर “अंधभक्ति” का आरोप लगाते हुए कहा कि भारत ने अपनी पुरानी गुटनिरपेक्ष नीति छोड़कर पूंजीवादी देशों का साथ चुना, जिससे देश की विदेश नीति कमजोर हुई और भारत वैश्विक मंच पर अलग-थलग पड़ता दिख रहा है।
सांसद ने भाजपा पर पिछले दस वर्षों में रैलियों और प्रचार अभियानों पर हजारों करोड़ रुपये खर्च करने का आरोप लगाया। साथ ही नोटबंदी के दौरान किए गए वादों और गठबंधन सहयोगियों के साथ व्यवहार को लेकर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि जनता से बड़े-बड़े वादे किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर हालात अलग दिखाई देते हैं।
स्वर्ण आभूषणों की खरीद रोकने की अपील पर सोनार समाज में बढ़ते असंतोष का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की घोषणाएं छोटे व्यापारियों और पारंपरिक कारोबार से जुड़े लोगों को प्रभावित करेंगी। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता की भावनाओं और जल्दी भूल जाने की प्रवृत्ति का राजनीतिक लाभ उठाती है।
अंत में उन्होंने उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि प्रदेश में वास्तव में “सब चंगा” है, तो आए दिन सामाजिक तनाव और आपसी विवाद क्यों बढ़ रहे हैं।