
वाराणसी। आईपीएल फाइनल मैच पर करोड़ों रुपये के ऑनलाइन सट्टे का संचालन कर रहे एक बड़े इंटरनेशनल रैकेट का रविवार देर रात एसओजी और कैंट थाना पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने टकटकपुर क्षेत्र स्थित एक कॉलोनी के फ्लैट पर छापेमारी कर 11 शातिर सट्टेबाजों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में 9 मुंबई के निवासी हैं, जबकि 2 स्थानीय बताए जा रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, आईपीएल फाइनल के दिन ही इस गिरोह ने करीब 25 करोड़ रुपये का ऑनलाइन सट्टा लगवाया था। छापेमारी के दौरान फ्लैट से बड़ी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अन्य आपत्तिजनक सामग्री बरामद की गई। इनमें लैपटॉप, मोबाइल फोन, टैबलेट, वॉयस रिकॉर्डर, इंटरनेट राउटर, डिजिटल रजिस्टर, नगदी, फर्जी नामों से खोले गए बैंक खातों की पासबुक तथा एटीएम कार्ड शामिल हैं।
एसओजी प्रभारी गौरव सिंह ने बताया कि दिल्ली और मुंबई जैसे महानगरों में पुलिस की बढ़ती सख्ती के कारण गिरोह ने वाराणसी को अपना सुरक्षित ठिकाना बना लिया था। आरोपी पूरे आईपीएल सीजन के दौरान टकटकपुर में किराए का फ्लैट लेकर देशभर में फैले सट्टेबाजों के नेटवर्क को संचालित कर रहे थे।
जांच में यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य टेलीग्राम और व्हाट्सएप के सीक्रेट वीआईपी ग्रुप्स के माध्यम से महाराष्ट्र, गुजरात, दिल्ली समेत कई राज्यों के सटोरियों से जुड़े हुए थे। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए करोड़ों रुपये के लेन-देन और सट्टेबाजी का कारोबार संचालित किया जा रहा था।
पुलिस अब आरोपियों के मोबाइल फोन, लैपटॉप और बैंक खातों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि इस रैकेट के तार कई राज्यों और संभवतः विदेशों तक जुड़े हो सकते हैं। साथ ही इस अवैध कारोबार में शामिल सरगना, फाइनेंसर और कथित सफेदपोशों की भी तलाश की जा रही है।
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम और आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया। मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में कई और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।