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बर्खास्त सिपाही को शंकराचार्य का बड़ा सहारा! बोले, “पुलिस की तनख्वाह से ज्यादा मानदेय दूंगा”, यूपी में मचा सियासी और सामाजिक बवाल

Hamari sevaye

लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस से बर्खास्त किए गए सिपाही सुनील कुमार शुक्ला का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। विभागीय कार्रवाई के बाद ज्योतिर्मठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि यदि सुनील शुक्ला चाहें तो उन्हें उनकी सरकारी नौकरी के वेतन से अधिक मानदेय पर अपने साथ रखा जाएगा। शंकराचार्य के इस बयान के बाद मामला सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों तक चर्चा का विषय बन गया है।

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दरअसल, सुनील कुमार शुक्ला ने सोशल मीडिया के जरिए पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के गंभीर आरोप लगाए थे। इसके बाद उनके खिलाफ विभागीय जांच कराई गई। लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट ने जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया। पुलिस विभाग का कहना है कि जांच में लगाए गए आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले और शुक्ला को सेवा नियमों के उल्लंघन का दोषी पाया गया।

बर्खास्तगी के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सार्वजनिक रूप से कहा कि वे सुनील शुक्ला को सम्मानजनक जिम्मेदारी देने के साथ उनकी पूर्व सरकारी तनख्वाह से अधिक मानदेय देने के लिए भी तैयार हैं। उनके इस बयान ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी है।

हालांकि, इस प्रकरण में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। एक ओर पुलिस विभाग का कहना है कि जांच में भ्रष्टाचार के आरोप सिद्ध नहीं हुए, वहीं सुनील शुक्ला अपने आरोपों पर अब भी कायम हैं। ऐसे में यह मामला केवल विभागीय कार्रवाई तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि अब सामाजिक और राजनीतिक बहस का विषय भी बन चुका है।

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