
जनपद गाजीपुर के थाना कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत दिनांक 08.12.2023 से चली आ रही आपसी रंजिश के क्रम में एक प्रतिष्ठित व्यापारी परिवार के युवा व्यवसायी विनीत राय पुत्र श्री आलोक राय, निवासी अष्टभुजी कालोनी जनपद गाजीपुर की शंकर पाण्डेय पुत्र रविशंकर पाण्डेय, आलोक दुबे पुत्र लक्ष्मण दुबे व अन्य अपराधियों द्वारा निर्मम हत्या कर दी गयी थी। जिसके सम्बन्ध में थाना कोतवाली, जनपद गाजीपुर पर मु0अ0सं0-365/2026 धारा 103(1), 191(2), 3(5) बीएनएस पंजीकृत किया गया है।

श्री वैभव कृष्ण, पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र के समक्ष दिनांक 15.07.2026 को मृतक विनीत राय के पिता श्री आलोक राय द्वारा एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर आरोप लगाया गया कि उनके द्वारा घटना दिनांक 08.12.2023 से पूर्व भी “कटरा गैंग” की गतिविधियों के सम्बन्ध में थाना कोतवाली गाजीपुर को समय-समय पर शिकायती/स्मरण पत्र प्रेषित किये गये थे किन्तु उन पर समुचित एवं प्रभावी विधिक कार्यवाही सुनिश्चित नहीं की गयी जिसके परिणामस्वरूप उक्त दुर्भाग्यपूर्ण घटना घटित हुई। पुलिस उपमहानिरीक्षक द्वारा प्रकरण को अत्यन्त गम्भीरता से लेते हुए तत्काल पुलिस अधीक्षक, गाजीपुर को निर्देशित करते हुए शिकायतकर्ता के प्रार्थना पत्र एवं संलग्न अभिलेखों में उल्लिखित समस्त बिन्दुओं पर थाना कोतवाली, गाजीपुर की भूमिका की प्रारम्भिक जांच अपर पुलिस अधीक्षक नगर, गाजीपुर से कराकर आख्या उपलब्ध कराने हेतु निर्देशित किया गया।
प्रारम्भिक जांच में सामने आये प्रमुख तथ्य-
- शिकायतकर्ता आलोक राय व विपक्षी शंकर पाण्डेय के मध्य दिनांक 08.12.2023 से चली आ रही रंजिश के क्रम में दोनों पक्षों द्वारा थाना कोतवाली, गाजीपुर पर विभिन्न तिथियों में प्रार्थना पत्र दिये गये थे।
- दिनांक 08.12.2023 की घटना में उपलब्ध वीडियो साक्ष्य से स्पष्ट था कि उभयपक्ष दोषी थे किन्तु तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली द्वारा विपक्षी शंकर पाण्डेय की तहरीर पर एनसीआर दर्ज करते हुए केवल शिकायतकर्ता पक्ष के विरुद्ध ही कार्यवाही की गयी।
- विपक्षी शंकर पाण्डेय के विरुद्ध पूर्व में वर्ष 2021 में ही गैंगेस्टर एक्ट का मुकदमा तथा जनपद स्तरीय पंजीकृत गैंग (डी-63) दर्ज था। इसके बावजूद एनसीआर संख्या 196/2023 को गम्भीर धाराओं में पंजीकृत करने के स्थान पर मात्र धारा 107/116 सीआरपीसी की कार्यवाही कर इतिश्री कर ली गयी
- शंकर पाण्डेय व उसके गैंग के विरुद्ध प्रभावी निरोधात्मक कार्यवाही न किये जाने के कारण घटनाओं की पुनरावृत्ति होती रही तथा दिनांक 14.12.2023 की घटना में मौके पर पहुंचने के उपरान्त भी तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की गयी।
- शिकायतकर्ता द्वारा दिनांक 26.02.2024 व 11.12.2023 को प्रेषित पृथक-पृथक शिकायती प्रार्थना पत्रों की जांच सम्बन्धित हल्का प्रभारी को सुपुर्द की गयी थी किन्तु उनके द्वारा तथ्यों की गहनता से पड़ताल किये बगैर दोनों प्रार्थना पत्रों पर सरसरी तौर पर समान आख्या लगाकर विलम्ब से दिनांक 13.07.2024 को एक साथ प्रेषित कर दी गयी।
उपरोक्त जांच में तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, जनपद गाजीपुर, निरीक्षक दीनदयाल पाण्डेय तथा हल्का प्रभारी उपनिरीक्षक चन्द्रशंकर मिश्र थाना कोतवाली गाजीपुर को अपने पदीय कर्तव्यों के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं स्वेच्छाचारिता का दोषी पाया गया। जांच आख्या के आधार पर पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र द्वारा दिनांक 27.07.2026 को पुलिस अधीक्षक, गाजीपुर को उक्त दोनों पुलिसकर्मियों के विरुद्ध तत्काल विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया।
प्रकरण में की गयी कार्यवाही-
- निरीक्षक दीनदयाल पाण्डेय तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक कोतवाली, जनपद गाजीपुर को उ0प्र0 अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की (दण्ड एवं अपील) नियमावली-1991 के नियम-17(1) (क) के प्रावधानों के अन्तर्गत प्रारम्भिक जांच के आधार पर तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय जांच आदेशित की गयी है।
- उपनिरीक्षक चन्द्रशंकर मिश्र थाना कोतवाली, जनपद गाजीपुर को भी उपरोक्त नियमावली के प्रावधानों के अन्तर्गत तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए उनके विरुद्ध विभागीय जांच आदेशित की गयी है।
पुलिस उपमहानिरीक्षक, वाराणसी परिक्षेत्र द्वारा स्पष्ट किया गया है कि परिक्षेत्र के जनपदों जौनपुर, गाजीपुर एवं चन्दौली में जनसामान्य एवं व्यापारियों की सुरक्षा तथा शिकायतों का त्वरित एवं प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित किया जायेगा तथा कर्तव्यों के प्रति किसी भी स्तर पर लापरवाही एवं शिथिलता बरतने वाले पुलिसकर्मियों के विरुद्ध कठोरतम कार्यवाही की जायेगी। परिक्षेत्र स्तर पर इस प्रकार के प्रकरणों की सतत समीक्षा एवं निगरानी की जा रही है।