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अमेरिकी बाजार पर भदोही के कालीन कारोबारियों की नजर

Hamari sevaye

एकमा में निर्यात नियमों और सुरक्षा मानकों को लेकर जागरूकता सेमिनार आयोजित

VK Finance

संवाददाता प्रिंस गुप्ता भदोही

भदोही, 2 सितंबर। अमेरिका में कालीन और रग्स का निर्यात करने वाले कारोबारियों को वहां के नियमों और सुरक्षा मानकों की जानकारी देने के लिए बुधवार को मर्यादपट्टी भदोही एकमा भवन में जागरूकता सेमिनार आयोजित किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन अखिल भारतीय कालीन निर्माता संघ (एकमा) के सहयोग से इंटरटेक इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने किया। इसमें बड़ी संख्या में कालीन निर्माता, निर्यातक और कारोबारी शामिल हुए।
सेमिनार में अमेरिकी बाजार में कालीन निर्यात से जुड़े CPSC (कंज्यूमर प्रोडक्ट सेफ्टी कमीशन) की ई-फाइलिंग, GCC (जनरल सर्टिफिकेट ऑफ कॉनफॉर्मिटी) और फ्लेमेबिलिटी टेस्टिंग के बारे में सरल तरीके से जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने बताया कि अमेरिका में कालीन और रग्स भेजने से पहले जरूरी सुरक्षा मानकों और दस्तावेजों को पूरा करना बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम का शुभारंभ एकमा अध्यक्ष उमेश कुमार गुप्ता ने किया। उन्होंने कहा कि निर्यातकों की मांग को देखते हुए इस कार्यशाला का आयोजन किया गया है। इसका उद्देश्य कारोबारियों को अमेरिकी बाजार से जुड़े नियमों और जरूरी दस्तावेजों की सही जानकारी देना है, ताकि निर्यात के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।
एकमा के मानद संयुक्त सचिव शाहिद अंसारी ने उपस्थित निर्यातकों और व्यापारियों का स्वागत किया। वहीं इंटरटेक इंडिया की ओर से मोहित राठौर, संजय कुमार और प्रसन्ना मिश्रा ने प्रस्तुति के माध्यम से अमेरिकी बाजार के लिए जरूरी सुरक्षा मानकों और अनुपालन की जानकारी दी।

कार्यक्रम के अंत में प्रश्नोत्तर सत्र भी हुआ। इसमें निर्यातकों ने अमेरिकी बाजार में कालीन भेजने से संबंधित विभिन्न सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने उनके सवालों का जवाब देते हुए जरूरी जानकारी दी।

इस अवसर पर एकमा के कोषाध्यक्ष जयप्रकाश गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष रवि पाटोदिया, अरशद वजीरी, तनवीर हुसैन, अशफाक अहमद अंसारी, इश्तियाक अहमद खां, भरत लाल मौर्य, अब्दुल सत्तार अंसारी, अमित कुमार मौर्य, शाहिद जमाल अंसारी और एजाज अहमद अंसारी समेत बड़ी संख्या में सदस्य और निर्यातक मौजूद रहे।

सेमिनार से भदोही के कालीन कारोबारियों को अमेरिकी बाजार में निर्यात से पहले जरूरी सुरक्षा जांच, प्रमाणपत्र और दस्तावेजी प्रक्रिया को समझने में मदद मिली। इससे निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार की आवश्यकताओं के अनुसार अपने कारोबार को बेहतर तरीके से संचालित करने में सहूलियत होगी।

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