

उन्नाव: के सरोसी विकासखंड की ग्राम पंचायत सरैया में जल निगम की लापरवाही के कारण ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि करीब डेढ़ माह से मरहला चौराहे के पास दर्जनों इंजनों से पानी सरैया गांव की ओर छोड़ा जा रहा था, जिससे गांव में भारी जलभराव हो गया।
घरों में घुसा पानी, पलायन को मजबूर हुए लोग
घरों में पानी घुसने और रास्ते जलमग्न होने के कारण करीब 50 परिवारों को अपने घर छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ा। लगातार पानी छोड़े जाने से स्थिति इतनी खराब हो गई थी कि कई परिवारों को जरूरी सामान लेकर अपना घर छोड़ना पड़ा।
एसडीएम सदर की कार्रवाई
मामले की जानकारी मिलने के बाद गुरुवार शाम करीब चार बजे एसडीएम सदर राजेश विश्वकर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने जलभराव का जायजा लिया और ग्रामीणों से बात कर समस्या समझी। इसके बाद जेसीबी की मदद से पानी की निकासी रोकने के लिए कार्रवाई शुरू की गई और पानी बंद कराने की कार्रवाई से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्राम पंचायत सरैया के प्रधान प्रशासक राजेंद्र लोधी ने बताया कि इसकी जानकारी पहले ही एसडीएम सदर को दी गई थी, जिसके बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली।
किसानों को हो रहा आर्थिक नुकसान और मुआवजे की मांग
पानी की समस्या का असर ग्रामीणों के साथ-साथ किसानों पर भी पड़ा है। प्रधान प्रशासक के अनुसार, गांव और आसपास के खेतों में पानी भरने से करीब 30 बीघा फसल खराब हो गई है और लंबे समय तक पानी भरे रहने से फसल पूरी तरह बर्बाद होने की आशंका है। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हो रहा है। ग्रामीणों और किसानों ने प्रशासन से फसलों के नुकसान का सर्वे कराकर जल्द से जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की
