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यूपीटेक्स-2026 में भदोही के कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने पर जोर

Hamari sevaye

संवाददाता: प्रिंस गुप्ता, भदोही

VK Finance

भदोही। लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित यूपीटेक्स-2026 के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प और हस्तनिर्मित उत्पादों को देश-विदेश के बाजार से जोड़ने को लेकर विशेष परिचर्चा आयोजित की गई। ‘शिल्प से वैश्विक बाजार तक : उत्तर प्रदेश के हस्तशिल्प और हस्तनिर्मित उत्पादों के निर्यात की राह’ विषय पर हुई परिचर्चा में कालीन निर्यात संवर्धन परिषद के उपाध्यक्ष असलम महबूब ने भाग लिया।

खेल एवं युवा कल्याण मंत्री गिरीश चंद्र यादव की अध्यक्षता में आयोजित परिचर्चा में प्रदेश के पारंपरिक हस्तशिल्प को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप विकसित करने और अंतरराष्ट्रीय बाजार के लिए तैयार करने पर विचार-विमर्श किया गया।
परिचर्चा में उत्पादों के नए डिजाइन तैयार करने, गुणवत्ता में सुधार, आवश्यक प्रमाणन, ऑनलाइन माध्यम से बिक्री और निर्यात, भौगोलिक संकेतक की पहचान को बढ़ावा देने, शिल्प समूहों के विकास तथा विदेशी बाजारों तक पहुंच बनाने जैसे विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।

कारीगरों और शिल्प समूहों को आधुनिक डिजाइन की जानकारी देने, उत्पादों की आकर्षक पैकिंग, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास, सुविधाएं उपलब्ध कराने और विदेशी खरीदारों से सीधे जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।

असलम महबूब की भागीदारी से चर्चा में भदोही के कालीन उद्योग की भी मजबूत उपस्थिति रही।
भदोही के हस्तनिर्मित कालीन देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखते हैं। ऐसे में डिजाइन, गुणवत्ता, पैकिंग और निर्यात की नई व्यवस्थाओं से जोड़कर कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार में और मजबूत करने की संभावनाओं पर जोर दिया गया।

परिचर्चा में इस बात पर बल दिया गया कि प्रदेश के पारंपरिक शिल्प को स्थानीय बाजार तक सीमित न रखते हुए उन्हें देश-विदेश के बड़े बाजारों तक पहुंचाया जाए। इससे कारीगरों, बुनकरों और निर्यातकों को रोजगार एवं व्यापार के नए अवसर मिल सकेंगे।

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