

ग्लोबल ओवरसीज के स्टॉल पर हस्तनिर्मित कालीनों की बारीकी देखी, निर्यात और उद्योग के विकास पर हुआ संवाद

संवाददाता: प्रिंस गुप्ता, भदोही
भदोही। कारपेट सिटी में आयोजित चार दिवसीय इंडिया कारपेट एक्सपो-2026 के अंतिम दिन गुरुवार को खरीदारों के साथ आम लोगों के लिए भी मेला खोला गया। इससे एक्सपो में लोगों की आवाजाही बढ़ी रही। देश-विदेश से आए खरीदारों, बाइंग प्रतिनिधियों, निर्यातकों और कालीन कारोबार से जुड़े लोगों ने विभिन्न स्टॉलों पर पहुंचकर भदोही की हस्तनिर्मित कालीनों के डिजाइन, गुणवत्ता और बुनाई की बारीकी देखी।
इसी दौरान भाजपा दिल्ली के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष एवं मालवीय नगर विधायक सतीश उपाध्याय एक्सपो पहुंचे। वहां सीईपीसी उपाध्यक्ष कैप्टन असलम महबूब समेत परिषद के पदाधिकारियों ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया।
इसके बाद वह ग्लोबल ओवरसीज के स्टॉल पर पहुंचे। उनके साथ भाजपा नेता अजय शुक्ला, भदोही नगर पालिका परिषद के पूर्व अध्यक्ष अशोक जायसवाल, एकमा अध्यक्ष उमेश गुप्ता ‘मुन्ना’, सीईपीसी सदस्य पीयूष बरनवाल, रोहित गुप्ता, इम्तियाज अंसारी और भाजपा जिला उपाध्यक्ष बृजेश कुमार गुप्ता मौजूद रहे।
स्टॉल पर सतीश उपाध्याय ने हाथ से बनी कालीनों को बारीकी से देखा। उन्होंने कालीन की डिजाइन, बुनाई, रंग संयोजन और निर्माण प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। स्टॉल पर मौजूद लोगों ने हस्तनिर्मित कालीनों की विशेषताओं और उन्हें तैयार करने में कारीगरों की मेहनत के बारे में बताया।
निर्यात और उद्योग के विकास पर हुआ संवाद
इस दौरान भदोही के कालीन उद्योग की स्थिति, निर्यात कारोबार और अंतरराष्ट्रीय बाजार की बदलती मांग को लेकर चर्चा हुई। कारीगरों की पारंपरिक बुनाई कला को आधुनिक डिजाइन और बाजार की जरूरतों से जोड़ने के विषय पर भी विचार-विमर्श किया गया।
उद्योग से जुड़े लोगों के अनुसार, भदोही की कालीन कला की पहचान उसकी हस्तनिर्मित बुनाई और कारीगरों की बारीक कारीगरी से है। अंतरराष्ट्रीय एक्सपो निर्यातकों को विदेशी खरीदारों के सामने अपने उत्पाद प्रस्तुत करने और नए बाजार तलाशने का अवसर देता है।
विदेशी खरीदारों ने देखे कालीनों के नए डिजाइन
एक्सपो के अंतिम दिन भी विदेशी खरीदारों और बाइंग प्रतिनिधियों की आवाजाही बनी रही। खरीदारों ने विभिन्न स्टॉलों पर कालीनों के डिजाइन, गुणवत्ता और निर्माण की जानकारी ली। पारंपरिक बुनाई के साथ आधुनिक डिजाइन में तैयार कालीनों को लेकर भी खरीदारों की रुचि दिखाई दी।
कालीन कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि ऐसे आयोजनों से निर्यात कारोबार को नए बाजार मिलने के साथ कारीगरों और इससे जुड़े अन्य लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना रहती है।
भदोही की हस्तनिर्मित कालीन कला देश-विदेश में अपनी अलग पहचान रखती है। इंडिया कारपेट एक्सपो जैसे आयोजन इस कला को अंतरराष्ट्रीय बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।