

बाबा कबूतरनाथ मंदिर से निकली भव्य शोभायात्रा, मध्यरात्रि में बड़े चौराहे पर चारों भाइयों का हुआ मिलन; दूधिया रोशनी से जगमगाया नगर, देखने उमड़े लोग

संवाददाता: प्रिंस गुप्ता, भदोही।
गोपीगंज (भदोही)। नगर का प्रसिद्ध एवं ऐतिहासिक भरत मिलाप गुरुवार, 22 अक्टूबर 2026 को हर्षोल्लास और धार्मिक उत्साह के साथ संपन्न हुआ। भगवान श्रीराम और उनके अनुज भरत सहित चारों भाइयों के मिलन का अद्भुत दृश्य देखने के लिए नगर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मध्यरात्रि में गोपीगंज के बड़े चौराहे पर चारों भाइयों का मिलन होते ही पूरा वातावरण जय श्रीराम के जयघोष से गूंज उठा। इस ऐतिहासिक आयोजन में आकर्षक लाग-विमानों का प्रदर्शन मुख्य आकर्षण रहा। भव्य शोभायात्रा में शामिल दर्जनों लाग और विमानों ने लोगों का मन मोह लिया।
भरत मिलाप का आयोजन बघेल परिवार एवं नवयुवक दल गोपीगंज की ओर से किया गया। परंपरा के अनुसार बाबा कबूतरनाथ मंदिर से भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा में भगवान श्रीराम, भरत सहित चारों भाइयों के मिलन से जुड़े धार्मिक प्रसंगों को जीवंत करने वाली झांकियां और आकर्षक लाग-विमान शामिल रहे। शोभायात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए विभिन्न मोहल्लों तक पहुंची। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन किए और जयकारे लगाकर शोभायात्रा का स्वागत किया।
लाग-विमानों की कलाकारी ने खींचा लोगों का ध्यान
गोपीगंज के ऐतिहासिक भरत मिलाप में लाग-विमानों का प्रदर्शन विशेष आकर्षण का केंद्र रहा। दर्जनों लाग और विमानों को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। इनमें धार्मिक प्रसंगों, पौराणिक पात्रों और आस्था से जुड़े दृश्यों की झलक देखने को मिली। साज-सज्जा और कलात्मक प्रस्तुति ने शोभायात्रा की भव्यता को और बढ़ा दिया।
नगर के प्रमुख चौराहों और मार्गों पर लोग देर रात तक लाग-विमानों का प्रदर्शन देखने के लिए डटे रहे। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में आयोजन को लेकर उत्साह दिखाई दिया।
शोभायात्रा जिस रास्ते से गुजरती, वहां लोगों की निगाहें आकर्षक झांकियों और विमानों पर टिक जातीं। धार्मिक आस्था, पारंपरिक कला और सामाजिक सहभागिता का यह संगम गोपीगंज की ऐतिहासिक सांस्कृतिक विरासत की झलक पेश करता रहा।
दूधिया रोशनी से जगमगाया गोपीगंज, आकर्षक सजावट बनी आकर्षण
भरत मिलाप के अवसर पर गोपीगंज नगर के विभिन्न मोहल्लों, प्रमुख मार्गों और चौराहों को रंग-बिरंगी विद्युत झालरों एवं दूधिया रोशनी से सजाया गया था। जगह-जगह अलग-अलग डिजाइन की आकर्षक लाइटिंग देखने को मिली। रोशनी से सजे भवनों, गलियों और चौराहों ने नगर की खूबसूरती में चार चांद लगा दिए।
रात के समय विद्युत सजावट की चमक देखते ही बन रही थी।
कहीं रंगीन रोशनी से सजे प्रवेश द्वार नजर आए तो कहीं आकर्षक लाइटिंग से पूरे मार्ग को नया रूप दिया गया था। नगर की सजावट और भव्य शोभायात्रा ने भरत मिलाप के उत्सवी माहौल को और खास बना दिया। विभिन्न मोहल्लों में लोगों ने आयोजन का आनंद लिया और धार्मिक परंपरा के प्रति अपनी आस्था प्रकट की।
मध्यरात्रि में बड़े चौराहे पर हुआ चारों भाइयों का मिलन
शोभायात्रा का मुख्य आकर्षण मध्यरात्रि में गोपीगंज के बड़े चौराहे पर भगवान श्रीराम और भरत सहित चारों भाइयों का मिलन रहा। लंबे समय के वनवास के बाद भगवान श्रीराम के अयोध्या लौटने और अनुज भरत से मिलने के प्रसंग को देखकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। यह दृश्य भाईचारे, प्रेम, त्याग और पारिवारिक एकता का संदेश देता नजर आया।
मिलन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह रहा। जय श्रीराम के जयघोष के बीच धार्मिक वातावरण और भी भक्तिमय हो गया। इसके बाद शोभायात्रा विभिन्न मार्गों और मोहल्लों से होते हुए बघेल छावनी पहुंची, जहां आयोजन का समापन हुआ।
प्रमुख लोग रहे उपस्थित
ऐतिहासिक भरत मिलाप के दौरान रामलाल अग्रवाल, अखिलेंद्र सिंह चिंटू बघेल, बृजेश गुप्ता, नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष जितेंद्र गुप्ता,मानवेन्द्र सिंह भगेल अश्वनी अग्रवाल सहित नवयुवक दल के दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में बघेल परिवार और नवयुवक दल के सदस्यों की सक्रिय भूमिका रही।
गोपीगंज का ऐतिहासिक भरत मिलाप एक बार फिर धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बनकर सामने आया। आकर्षक लाग-विमानों, भव्य शोभायात्रा, दूधिया रोशनी से सजे नगर और चारों भाइयों के मिलन के साथ यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए यादगार बन गया।