रुक्मिणी विवाह की कथा सुन श्रोता हुए भाव विभोर
चहनियां। मारूफपुर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन सोमवार की देर शाम को कथा व्यास आचार्य गणेश त्रिपाठी जी महाराज ने बताया कि किस तरह देवकी के गर्भ से आठवीं संतान के पैदा होने के बाद वासुदेव जी महाराज भगवान कृष्ण को बदलकर उनकी जगह पर योग माया को लेकर आए। भगवान कृष्ण ...