“समायिक पाठ: आत्मशुद्धि की ओर एक शांतिपूर्ण साधना”
हमारी जीवनशैली चाहे जितनी भी व्यस्त क्यों न हो, आत्मा की शुद्धि और शांति की खोज हर जीव के भीतर स्वाभाविक रूप से होती है। जैन धर्म में “समायिक पाठ” एक ऐसी ही साधना है जो हमें अपने अंदर झाँकने, क्रोध-द्वेष को त्यागने और आत्मा के निकट आने का मार्ग दिखाती है। इस लेख में ...









