: पुण्य, भक्ति और कल्याण का पावन स्त्रोत
भारतीय सनातन संस्कृति में तुलसी माता को देवी स्वरूप माना गया है। इन्हें लक्ष्मी जी का ही एक रूप कहा जाता है और यह श्रीहरि विष्णु को अत्यंत प्रिय हैं। जय तुलसी माता केवल एक उद्घोष नहीं, बल्कि आस्था, श्रद्धा और शुद्ध जीवन का प्रतीक है। इस लेख में हम तुलसी माता के महत्व, पूजन ...









