महावीर प्रभु की आरती: अहिंसा और आत्मज्ञान की आराधना
महावीर स्वामी जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर हैं, जिनका जीवन तप, त्याग और अहिंसा का आदर्श उदाहरण है। उनकी आरती करना न केवल एक धार्मिक कृत्य है, बल्कि आत्मा को शुद्ध करने का माध्यम भी है। “महावीर प्रभु की आरती” भक्तों को शांत चित्त, सद्गुणों की प्राप्ति और आत्मिक बल देती है। इस लेख में ...









