वाराणसी के लहरतारा क्षेत्र में एलपीजी गैस रिसाव से हुए भीषण विस्फोट ने एक खुशहाल परिवार की सारी खुशियां छीन लीं। नवरात्र की नवमी पर नए घर में गृहप्रवेश की तैयारी कर रहा परिवार अचानक हुए हादसे का शिकार हो गया। मंगलवार सुबह हुए इस ब्लास्ट में परिवार के चार सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए थे। इनमें से दो की मौत उसी दिन हो गई, जबकि घायल माता गिरजा देवी ने बुधवार रात करीब 9 बजे दम तोड़ दिया।

जानकारी के अनुसार गिरजा देवी के नए मकान में पुट्टी और रंगाई का काम अंतिम चरण में चल रहा था। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने इस घर में नवमी की पूजा के बाद परिवार के सभी सदस्य शिफ्ट होने वाले थे। लेकिन गैस रिसाव के कारण हुए जोरदार धमाके ने पलभर में खुशियों को मातम में बदल दिया।
बताया जा रहा है कि गिरजा देवी के घर के बगल में उनके देवर स्वर्गीय अशोक साहनी का मकान है। उनके छोटे पुत्र विशाल साहनी ने सभी मृतकों को मुखाग्नि दी। विशाल ने बताया कि उनके बड़े पापा आत्मा प्रसाद का निधन करीब तीन वर्ष पहले हो चुका था। दोनों भाई मेहनत मजदूरी कर परिवार का खर्च चला रहे थे और बहन प्रीति के लिए रिश्ते की तलाश भी कर रहे थे।
इस दर्दनाक हादसे के बाद पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गिरजा देवी की ननद गीता देवी भी घटना के समय मौके पर मौजूद थीं। गिरजा देवी का शव मिलने के बाद बुधवार शाम उनका अंतिम संस्कार वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान परिवार के सदस्य और रिश्तेदार मौजूद रहे। इस दौरान विशाल के बड़े भाई विवेक साहनी की आंखों में आंसू साफ दिखाई दे रहे थे और पूरे घाट का माहौल गमगीन हो गया।