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एसिड अटैक प्रभावित दिव्यांगता विषय पर राष्ट्रीय ऑनलाइन सीआरई कार्यक्रम का आयोजन

“एसिड अटैक का मनोवैज्ञानिक प्रभाव और मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास” विषय पर ऑनलाइन प्रतिभागियों का किया मार्ग दर्शन

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रोहनिया।समेकित क्षेत्रीय केन्द्र (सी.आर.सी.) खुशीपुर वाराणसी द्वारा भारतीय पुनर्वास परिषद (आर.सी.आई.), नई दिल्ली से अनुमोदित ऑनलाइन सतत पुनर्वास शिक्षा (सी.आर.ई.) कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस एक दिवसीय कार्यक्रम का मुख्य विषय ” एसिड अटैक प्रभावित व्यक्तियों : एक बहु-विषयक दिव्यांगता पुनर्वास परिप्रेक्ष्य” रहा।कार्यक्रम का शुभारंभ सी.आर.सी. वाराणसी के निदेशक आशीष कुमार झा के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने अपने संबोधन में एसिड अटैक प्रभावित दिव्यंगजनो की विशिष्ट आवश्यकताओं और उनके सर्वांगीण पुनर्वास में इस तरह के प्रशिक्षण की प्रासंगिकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे कार्यक्रमों का उद्देश्य पुनर्वास पेशेवरों के कौशल को बढ़ाना है ताकि वे एसिड अटैक प्रभावित दिव्यंगजनो को कार्यात्मक स्वतंत्रता और बेहतर जीवन स्तर प्रदान कर सकें साथ ही इस प्रकार के कार्यक्रमो द्वारा एसिड प्रभावित दिव्यांगता के प्रति जनमानस मे जागरुकता बढ़ाने मे मदद मिलेगी।
कार्यक्रम के दौरान देश के प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों ने अपने विचार साझा किए । प्रथम सत्र एम्स, भुवनेश्वर के ई.एन.टी. विभाग से डॉ. वेंकट रमन प्रुस्टी (ऑडियोलॉजिस्ट और स्पीच लैंग्वेज पैथोलॉजिस्ट) ने “चेहरे के जलने से प्रभावित व्यक्तियों में ओरो-मोटर डिसफंक्शन और संचार चुनौतियों” पर विस्तार से प्रकाश डाला। द्वितीय सत्र आई.एस.आई.सी.-इंस्टीट्यूट ऑफ रिहैबिलिटेशन साइंसेज, नई दिल्ली की याशिका कुमार (असिस्टेंट प्रोफेसर, पी&ओ) ने “एसिड से जलने के कारण होने वाली दिव्यांगता में व्यापक ऑर्थोटिक प्रबंधन” विषय पर जानकारी दी। तृतीय सत्र जे.सी.सी. रोहिणी, दिल्ली की तन्नू गेरा , पुनर्वास मनोवैज्ञानिक एवं असिस्टेंट प्रोफेसर ने “एसिड अटैक का मनोवैज्ञानिक प्रभाव और मानसिक स्वास्थ्य पुनर्वास” विषय पर प्रतिभागियों का मार्गदर्शन किया।
इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य एसिड अटैक प्रभावित व्यक्तियों हेतु पुनर्वास पेशेवरों को शारीरिक, मनोवैज्ञानिक और संचार प्रबंधन में सक्षम बनाना था। कार्यक्रम का सफल समन्वय आशीष पाराशर , व्याख्याता, फिजियोथेरेपी, सी.आर.सी. वाराणसी द्वारा किया गया।
कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन नमो नारायण पाठक , सहायक प्राध्यापक, विशेष शिक्षा, सी.आर.सी. वाराणसी द्वारा प्रस्तुत किया गया। इस ऑनलाइन सी.आर.ई. में देश भर से 150 से अधिक पुनर्वास विशेषज्ञों ने भाग लिया। यह कार्यक्रम सी.आर.सी. वाराणसी की पूरी टीम के सक्रिय सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।

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