
डेंगू जैसी गंभीर बीमारी के खिलाफ जागरूकता और सक्रियता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज ऑल आउट इंडिया, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और द हंस फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से’ अभियान के अंतर्गत विशेष स्वच्छता और जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
तालाब और आसपास की सफाई
इस कार्यक्रम के तहत पंडितपुर भरन बस्ती स्थित तालाब और उसके आसपास के क्षेत्रों की सफाई की गई। सफाई अभियान में क्षेत्रीय लोगों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आयोजन का मुख्य उद्देश्य लोगों को डेंगू के प्रति जागरूक करना और उसके प्रसार को रोकने के उपायों की जानकारी देना था।
जिला मलेरिया अधिकारी का संदेश
इस अवसर पर जिला मलेरिया अधिकारी ने कहा—
“डेंगू कोई ऐसी बीमारी नहीं है जिससे हम अकेले लड़ सकें। इसके लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता है। हमें अपने घरों के साथ-साथ आस-पास के इलाकों की भी नियमित सफाई करनी चाहिए। गमलों, कूलर, फ्रिज के नीचे या किसी भी ऐसे स्थान पर जहां पानी जमा हो सकता है, वहां विशेष ध्यान देना चाहिए। डेंगू मच्छर साफ पानी में पनपता है, इसलिए थोड़ी सी लापरवाही भी खतरनाक साबित हो सकती है।”
उन्होंने यह भी बताया कि मच्छरों के प्रजनन को रोकने के लिए नालियों की नियमित सफाई, कूड़े-कचरे का सही निस्तारण और पानी की निकासी सुनिश्चित करना आवश्यक है।
ऑल आउट इंडिया का संकल्प
ऑल आउट इंडिया के एमडी और सीईओ रतनजीत दास ने कहा—
“हमारा उद्देश्य केवल उत्पाद बेचने तक सीमित नहीं है, बल्कि हम हर परिवार की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं। ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से’ अभियान इसी सोच का हिस्सा है। असली बचाव जागरूकता और सक्रियता से ही संभव है। जब लोग खुद जागरूक होंगे तभी हम डेंगू जैसी बीमारियों को जड़ से मिटा पाएंगे।”
स्वास्थ्य विशेषज्ञों की भागीदारी
कार्यक्रम में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों ने भी भाग लिया और बस्तीवासियों को डेंगू के लक्षण, बचाव और इलाज के बारे में विस्तार से जानकारी दी। लोगों को यह बताया गया कि यदि किसी को तेज बुखार, सिर दर्द, मांसपेशियों में दर्द, आंखों के पीछे दर्द और शरीर पर चकत्ते दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
सामग्री वितरण और शपथ
कार्यक्रम के अंत में बस्तीवासियों को मच्छरदानी, मच्छररोधी क्रीम और ऑल आउट जैसे उत्पाद वितरित किए गए। साथ ही बच्चों और महिलाओं को विशेष रूप से स्वच्छता बनाए रखने की शपथ दिलाई गई।
सामूहिक प्रयास की मिसाल
इस अभियान ने यह साबित कर दिया कि यदि समाज के सभी वर्ग एकजुट होकर प्रयास करें तो किसी भी बीमारी से प्रभावी ढंग से लड़ा जा सकता है। ‘साथ लड़ेंगे डेंगू से’ अभियान न केवल एक स्वास्थ्य पहल है, बल्कि सामाजिक चेतना और जिम्मेदारी की भी मिसाल है।