
वाराणसी। सिगरा थाना क्षेत्र में दहेज उत्पीड़न का एक गंभीर मामला सामने आया है। विवाहिता के पिता की शिकायत पर पुलिस ने पति समेत ससुराल पक्ष के पांच लोगों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना, मारपीट और अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सिगरा थाना क्षेत्र के सी-33/244, चंदुआ छित्तूपुर निवासी भोनू प्रसाद सोनकर ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि उनकी पुत्री रूची सोनकर का विवाह 9 अक्टूबर 2022 को भेलूपुर थाना क्षेत्र के किरहिया खोजवां निवासी राहुल सोनकर पुत्र दिलीप सोनकर के साथ हिंदू रीति-रिवाज से सीताराम भवन (लॉन), छित्तूपुर में संपन्न हुआ था।
पीड़ित पिता के अनुसार उन्होंने अपनी आर्थिक क्षमता से बढ़कर विवाह में करीब 15 लाख रुपये खर्च किए। दहेज में सोने की चेन, सोने की अंगूठी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, फर्नीचर, पीतल, तांबा व स्टील के बर्तन, पूरे परिवार के लिए कपड़े और अन्य उपहार दिए गए। इसके अलावा राहुल की पसंद की रॉयल एनफील्ड हंटर 350 सीसी मोटरसाइकिल खरीदने के लिए दूल्हे के पिता को 2.20 लाख रुपये भी दिए गए।
आरोप है कि विवाह के कुछ समय बाद ही पति राहुल सोनकर, ससुर दिलीप सोनकर, सास पूनम देवी तथा ननद प्रियंका सोनकर उर्फ गायत्री और खुशबू उर्फ चिकू कम दहेज लाने का ताना देकर विवाहिता का शारीरिक और मानसिक उत्पीड़न करने लगे। आरोपियों ने अतिरिक्त 2 लाख रुपये की मांग करते हुए विवाहिता के साथ मारपीट की, गाली-गलौज की और कई बार कमरे में बंद कर खाना-पानी तक नहीं दिया।
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि कई बार मारपीट कर विवाहिता को घर से बाहर निकाल दिया गया। जब उसके पिता उसे लेने पहुंचे तो ससुराल पक्ष ने घर के अंदर भी नहीं आने दिया और बाहर से ही बेटी को साथ ले जाने के लिए मजबूर कर दिया। इसके बावजूद बेटी का घर बसाने की मंशा से पीड़ित पिता हर बार समझौता कर उसे दोबारा ससुराल भेजते रहे।
शिकायत के अनुसार 27 मई 2025 को ससुराल पक्ष ने विवाहिता के विवाह में मिले सोने-चांदी के आभूषण भी अपने कब्जे में ले लिए। इसके बाद पति राहुल सोनकर कथित रूप से विवाहिता को केवल एक जोड़ी कपड़ों में गंभीर हालत में छोड़कर चला गया।
भोनू प्रसाद सोनकर की तहरीर के आधार पर सिगरा पुलिस ने पति राहुल सोनकर, दिलीप सोनकर, पूनम सोनकर, खुशबू सोनकर और गायत्री सोनकर के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।