हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने डीएलएड (ओडीएल) करने वाले अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें यूपी-टीईटी 2026 में शामिल होने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने कहा कि ऐसे अभ्यर्थियों को फिलहाल (प्रोविजनल) रूप से परीक्षा में बैठने दिया जाए। स्पष्ट किया कि इनके चयन का मामला याचिका में पारित होने वाले अंतिम आदेश के अधीन रहेगा। कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाबी हलफनामा भी मांगा है। अगली सुनवाई 22 मई को होगी। न्यायमूर्ति राजीव सिंह की एकल पीठ ने शुभम शुक्ला समेत 36 याचियों की याचिका पर यह आदेश पारित किया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि वे अभ्यर्थी, जो 10 अगस्त 2017 या उससे पहले से कार्यरत हैं और जिनके पास 18 माह का डीएलएड (ओडीएल) डिप्लोमा है, उन्हें प्रोविजनल आधार पर यूपी-टीईटी 2026 में शामिल होने दिया जाए। हालांकि, उनका अंतिम चयन याचिका के अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा।
