Editor

बरेली जनपद की विभिन्न विधानसभाओं में स्थित आस्था के केन्द्रों के सौन्दर्यीकरण तथा बुनियादी सुविधाआंे के लिए 791 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत

आस्था के स्थलों के संरक्षण से श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने की संभावना, पर्यटन में बढ़ोत्तरी तथा रोजगार के अवसर सृजित होगे-जयवीर सिंह

VK Finance

लखनऊ: 27 अप्रैल, 2026

पर्यटन विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 मंे राज्य योजना के अंतर्गत बरेली मण्डल के अंतर्गत आने वाले बरेली जनपद के लिए विभिन्न विधानसभाओं के लिए पर्यटन विकास के लिए 12 पर्यटन विकास योजनाओं के लिए 791 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की है। इन परियोजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए यूपीएसटीडीसी को जिम्मेदारी सौंपी गयी है। कार्यदायी संस्था को निर्देश जारी किये गये हैं, इन परियोजनाओं के समस्त कार्य गुणवत्ता एवं समयबद्धता के साथ पूरा करें। ताकि इसका लाभ आमजनता एवं श्रद्धालुओं को मिल सके।
यह जानकारी उ0प्र0 के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने देते हुए बताया कि बरेली जनपद के मीरगंज में स्थित ठाकुर जी मंदिर स्थल का पर्यटन विकास के लिए 67 लाख रूपये, फरीदपुर के शिवमंदिर पहलऊनाथ के पर्यटन विकास के लिए 65 लाख रूपये, फरीदपुर के ही मगनपुर में स्थित प्राचीन शिव मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 67 लाख रूपये, आंवला विधानसभा क्षेत्र मंे स्थित महाभारत कालीन द्रौपदी स्वयंवर थीम पार्क के लिए 64 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है।
इसी प्रकार आंवला में ही गुलड़िया गौरीशंकर मंदिर स्थित यात्री हाल के सुदृढ़ीकरण हेतु 45 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है। उन्होंने बताया कि बिथली चैनपुर शिरोही मंदिर के पर्यटन विकास के लिए 69 लाख रूपये, आंवला मंे स्थित अहिछत्र के समेकित पर्यटन विकास के लिए 50 लाख रूपये, भोजीपुरा में स्थित पूर्णगिरी शिवमंदिर के लिए 71 लाख रूपये, बरेली कैंट स्थित आनंद आश्रम मंदिर बरेली के लिए 53 लाख रूपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है।
इसी प्रकार बरेली शहर बड़ा बाग स्थित हनुमान मंदिर पर पर्यटन अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए 70 लाख रूपये, बरेली शहर में ही श्री सीताराम मंदिर पर अवस्थापना सुविधाओं के लिए 70 लाख रूपये तथा बरेली के प्रेम नगर में स्थित त्रिवटीनाथ मंदिर पर फसाड लाइटिंग हेतु 01 करोड़ रूपये की धनराशि स्वीकृत की गयी है।
पर्यटन मंत्री ने यह बताया कि बरेली एक प्राचीन शहर है, इसे नाथ नगरी के रूप में भी जाना जाता है। यहां पर एक कतार में कई मंदिर स्थित हैं, जहां विभिन्न अवसरों पर पूजा अर्चन के लिए भक्तों की भारी भीड़ रहती है। कुछ मंदिरों पर बुनियादी सुविधाओं का अभाव है। इसको दृष्टिगत रखते हुए पर्यटन विकास एवं सौन्दर्यीकरण का कार्य के लिए योजनाएं स्वीकृत की गयी है।
उन्होंने कहा कि मा0 मुख्यमंत्री जी का संकल्प है कि प्रदेश के हर जिले में स्थित आस्था के स्थलों को सौन्दर्यीकरण कर वहां बुनियादी सुविधाएं सुलभ करायी जाए। इससे सांस्कृतिक विरासत भी सुरक्षित होगी तथा श्रद्धालुओं की संख्या भी बढ़ेगी।

खबर को शेयर करे

Leave a Comment