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केसरिया भारत के प्रदेश अध्यक्ष गौरीश सिंह सहित सैकड़ो कार्यकर्ता गिरफ्तार रिहाई न होने पर आंदोलन की चेतावनी

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न्यूज डेस्क-तनीषा श्रीवास्तव

मनीष सिंह हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग के बीच केसरिया भारत के प्रदेश अध्यक्ष गौरीश सिंह को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर कैण्ट थाने में बैठाए जाने से मामला और गरमा गया है। इस कार्रवाई से समर्थकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।व्यापारी मनीष सिंह की हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठा रहे थे। इसी क्रम में उनकी सक्रियता के बीच पुलिस द्वारा उन्हें थाने ले जाकर बैठाया जाना अब बड़े विवाद का कारण बन गया है।
इस पूरे घटनाक्रम पर केसरिया भारत के राष्ट्रीय संयोजक कृष्णानंद पांडे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “एक व्यापारी की हत्या जैसे गंभीर मामले में न्याय की मांग करना अगर अपराध माना जा रहा है, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि गौरीश सिंह को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो संगठन व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।” उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
स्थानीय व्यापारिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि जहां एक ओर हत्या जैसे गंभीर मामले
मनीष सिंह हत्याकांड को लेकर न्याय की मांग के बीच केसरिया भारत के प्रदेश अध्यक्ष गौरीश सिंह को पुलिस द्वारा हिरासत में लेकर कैण्ट थाने में बैठाए जाने से मामला और गरमा गया है। इस कार्रवाई से समर्थकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। गौरीश सिंह लगातार व्यापारी मनीष सिंह की हत्या के मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठा रहे थे। इसी क्रम में उनकी सक्रियता के बीच पुलिस द्वारा उन्हें थाने ले जाकर बैठाया जाना अब बड़े विवाद का कारण बन गया है।
इस पूरे घटनाक्रम पर केसरिया भारत के राष्ट्रीय संयोजक कृष्णानंद पांडे ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि “एक व्यापारी की हत्या जैसे गंभीर मामले में न्याय की मांग करना अगर अपराध माना जा रहा है, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि गौरीश सिंह को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो संगठन व्यापक आंदोलन के लिए बाध्य होगा।” उन्होंने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है।
स्थानीय व्यापारिक संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी इस घटना पर चिंता जताई है। उनका कहना है कि जहां एक ओर हत्या जैसे गंभीर मामले में सख्त कार्रवाई अपेक्षित है, वहीं न्याय की मांग करने वाले व्यक्ति को हिरासत में लेना गलत संदेश देता है। इससे आमजन में भय और असंतोष का माहौल बन रहा है।
हालांकि पुलिस का पक्ष है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह कदम उठाया गया है, ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। लेकिन इस सफाई के बावजूद विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। कई संगठनों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति स्पष्ट नहीं की गई और गौरीश सिंह को रिहा नहीं किया गया, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।
फिलहाल पूरे मामले ने राजनीतिक और सामाजिक माहौल को गरमा दिया है। एक ओर मनीष सिंह हत्याकांड में न्याय की मांग बड़ा आंदोलन बनता जा रहा है,

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