

वाराणसी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) विरावकोट परिसर में एक वनवासी महिला का खुले में प्रसव कराए जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। घटना सामने आने के बाद मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) डॉ. मुकेश कुमार ने मामले की जांच के आदेश दिए थे।

सीएमओ के निर्देश पर नोडल अधिकारी डॉ. निकुंज वर्मा ने दो दिनों तक सीएचसी विरावकोट में विस्तृत जांच की। जांच के दौरान एएनएम मुक्ता तिवारी प्रथम दृष्टया लापरवाही की दोषी पाई गईं। जांच रिपोर्ट के आधार पर सीएमओ ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मरीजों के उपचार और प्रसव जैसी संवेदनशील सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। मामले में विभागीय कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी और दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कदम उठाए जाएंगे।