

उन्नाव(आदर्श ठाकुर)। 4200 करोड़ रुपये की लागत से बने लखनऊ-कानपुर ग्रीनफील्ड नेशनल एलिवेटेड एक्सप्रेस-वे पर उद्घाटन के महज 12 दिन बाद सड़क धंसने का मामला सामने आया है। पहली ही बारिश में मुख्य मार्ग का एक हिस्सा धंस जाने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बाद कार्यदायी एजेंसी और संबंधित अधिकारियों में हड़कंप मच गया। शनिवार को एजेंसी ने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत का काम शुरू कर दिया।

बताया जा रहा है कि 13 जुलाई को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 63 किलोमीटर लंबे इस एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण किया था। लेकिन उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद सड़क धंसने की घटना ने करोड़ों रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना की गुणवत्ता और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सपा नेता मधुसूदन यादव ने 25 जुलाई को सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि कानपुर से लखनऊ की ओर कोरारी गांव के पास करीब 5 से 7 मीटर तक सड़क धंस गई है। वीडियो तेजी से वायरल होने के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया।
वीडियो सामने आने के अगले ही दिन, 26 जुलाई को कार्यदायी एजेंसी ने मौके पर पहुंचकर मरम्मत कार्य शुरू कर दिया। हालांकि, इस पूरे मामले में एनएचएआई के अधिकारी मीडिया के सामने कोई आधिकारिक बयान देने से बचते नजर आए। सड़क धंसने की घटना ने एक्सप्रेस-वे के निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर नई बहस छेड़ दी है।