
उन्नाव। गंगा नदी का जलस्तर लगातार बढ़ने से उन्नाव के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने शुक्रवार को पुलिस और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ गंगा के तटीय क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण कर राहत एवं बचाव तैयारियों का जायजा लिया।

जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह के साथ परियार घाट, गंगाघाट, बक्सर घाट समेत कई तटीय क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान सिंचाई, स्वास्थ्य और राजस्व विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जलस्तर की स्थिति और संभावित बाढ़ से निपटने के लिए किए गए इंतजामों की जानकारी ली।
डीएम ने संबंधित विभागों को लगातार निगरानी बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि संभावित बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविर तैयार कर लिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाकर आश्रय स्थलों में भोजन, पेयजल, चिकित्सा, शौचालय समेत अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
प्रशासन के मुताबिक पुलिस, सिंचाई, स्वास्थ्य और नगर पालिका की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत एवं बचाव दल तैयार रखे गए हैं।