

ट्रैक्टर खड़े कर दो घंटे तक ठप रखा आवागमन, हजारों कार्यकर्ता आंदोलन में जुटे | विधायक प्रतिनिधि विकल्प मौर्य ने दिया समर्थन

फतेहपुर। हथगाम-थरियांव मार्ग के चौड़ीकरण, पुनर्निर्माण और सड़क किनारे इंटरलॉकिंग फुटपाथ निर्माण की मांग को लेकर पिछले आठ दिनों से चल रहा ग्रामीणों का आंदोलन सोमवार को उग्र हो गया। सैकड़ों ग्रामीणों और आंदोलनकारियों ने बंदीपुर चौराहे पर ट्रैक्टर खड़े कर सड़क जाम कर दी। करीब दो घंटे तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों का आरोप है कि हथगाम-थरियांव मार्ग लंबे समय से बदहाल है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे और जलभराव होने से आए दिन राहगीरों को परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीण सड़क का चौड़ीकरण और समुचित पुनर्निर्माण कराने के साथ ही दोनों किनारों पर इंटरलॉकिंग फुटपाथ बनाने की मांग कर रहे हैं।
आंदोलन का नेतृत्व बाबू सिंह खरहरा, केतकी यादव और शिव सिंह सागर ने किया। भारतीय किसान यूनियन टिकैत के राष्ट्रीय संगठन मंत्री राजेंद्र सिंह भी टीम के साथ धरने में पहुंचे। भाकियू युवा जिलाध्यक्ष विवेक सिंह एडवोकेट, रामदल अध्यक्ष आगेंद्र साहू उर्फ रानू साहू समेत विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण आंदोलन में शामिल रहे।
विधायक प्रतिनिधि विकल्प मौर्य ने दिया समर्थन
आंदोलन को उस समय और मजबूती मिली, जब समाजवादी पार्टी की विधायक ऊषा मौर्या के पुत्र एवं प्रतिनिधि विकल्प मौर्य धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों के साथ बैठकर उनकी मांगों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि सड़क की समस्या के समाधान के लिए आगे भी जनआंदोलन में अपनी भागीदारी निभाएंगे। अधिकारियों के साथ हुई वार्ता में भी विकल्प मौर्य आंदोलनकारियों के साथ मौजूद रहे।
अधिकारियों के आश्वासन पर दो घंटे बाद खुला मार्ग
जाम की सूचना पर सीनियर सब इंस्पेक्टर आलोक कुमार तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से वार्ता की और अधिकारियों को मौके पर बुलाकर समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद करीब दो घंटे बाद सड़क से जाम हटाया गया।
कुछ देर बाद एसडीएम अश्वनी पांडेय, सीओ थरियांव दुर्गेश दीप और पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने आंदोलन के नेतृत्वकर्ताओं से विस्तृत वार्ता की। आंदोलनकारियों ने सड़क चौड़ीकरण, पुनर्निर्माण, गड्ढों की तत्काल मरम्मत और इंटरलॉकिंग फुटपाथ सहित विभिन्न मांगों का ज्ञापन सौंपा।
पहले गड्ढों की होगी मरम्मत, चौड़ीकरण के लिए स्टेट लेवल पर पहल
पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता ने बताया कि फिलहाल सड़क के गड्ढों में भरे पानी को निकालकर उनकी बेहतर ढंग से मरम्मत और भराई कराई जाएगी। वहीं सड़क के चौड़ीकरण और निर्माण के लिए स्टेट लेवल पर पहल की जाएगी। अधिकारियों के आश्वासन के बाद फिलहाल आठवें दिन आंदोलन समाप्त कर दिया गया।
कई संगठनों के कार्यकर्ता रहे मौजूद
धरने और सड़क जाम में रामदल अध्यक्ष रानू साहू के साथ दारा यादव, उस्मान गनी, राजू फतेहपुरी, रईस रहमानी, आफताब अहमद, कासिम मास्टर, आसिफ प्रधान, महबूब अहमद, डॉ. सोनू, जयचंद यादव, अनीस अहमद, शान मोहम्मद, सुघर सिंह, मो. आकिल, वसीक सनम, कफील अहमद, आमिर कौसर, मगन लाल पांडेय, देवव्रत मिश्रा, धनंजय साहू, प्रमोद गुप्ता, पामू वर्मा, अजय गुप्ता, सरवन लोधी, अभिषेक पाल, अनुज लोधी, धर्मेंद्र मौर्य, रिंकू साहू, वीरेंद्र लोधी और रावेंद्र लोधी समेत बड़ी संख्या में लोग शामिल रहे।
भाकियू टिकैत के तहसील अध्यक्ष धर्म सिंह चौहान, आशाराम यादव, जिला उपाध्यक्ष रुआब अली, तहसील प्रभारी कंधई लाल, तहसील उपाध्यक्ष विजय पाल और हथगाम ब्लॉक अध्यक्ष गुफरान उल्लाह समेत संगठन के पदाधिकारी भी आंदोलन में मौजूद रहे।
आठ दिनों से जारी आंदोलन फिलहाल अधिकारियों के आश्वासन पर थम गया है। अब ग्रामीणों की नजर सड़क के गड्ढों की मरम्मत के साथ-साथ चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण की वास्तविक कार्रवाई पर टिकी है।