

उन्नाव। हसनगंज तहसील क्षेत्र के न्यौतनी स्थित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय विद्यालय में स्कूल की अव्यवस्थाओं को लेकर सैकड़ों छात्रों का आक्रोश गुरुवार सुबह सड़क पर उतर आया। छात्रों ने सुबह करीब छह बजे विद्यालय से निकलकर न्यौतनी चौराहे पर पहुंचकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। देखते ही देखते छात्रों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी, जिससे दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई।

छात्रों ने विद्यालय के वार्डेन पर मारपीट करने का आरोप लगाया। इसके साथ ही खराब गुणवत्ता का भोजन, शिक्षकों की कमी, पढ़ाई की लचर व्यवस्था और विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की बदहाल स्थिति को लेकर भी शिकायतें कीं। छात्रों का कहना था कि लंबे समय से इन समस्याओं के समाधान की मांग की जा रही थी, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई।
छात्रों के सड़क पर उतरने की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। जिलाधिकारी घनश्याम मीना के निर्देश पर सीडीओ कृति राज, एडीएम सुशील कुमार गोंड, एएसपी अखिलेश सिंह और एसडीएम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिलाया। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के बाद अधिकारियों के समझाने पर छात्र शांत हुए और उन्हें विद्यालय परिसर में वापस ले जाया गया।
इसके बाद जिलाधिकारी घनश्याम मीना और एसएसपी जेपी सिंह भी सर्वोदय विद्यालय पहुंचे। डीएम ने विद्यालय के प्रधानाचार्य और समाज कल्याण अधिकारी से पूरे मामले की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने छात्रों के बीच पहुंचकर सीधे संवाद किया और एक-एक कर उनकी समस्याएं सुनीं। छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने जांच के आदेश दिए और समस्याओं के जल्द समाधान का आश्वासन दिया।
छात्रों का भरोसा जीतने के लिए जिलाधिकारी ने उनके साथ बैठकर लंच भी किया। डीएम के इस कदम से छात्रों में प्रशासन के प्रति भरोसा बढ़ा और उन्हें अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद जगी।
वहीं, उत्तर प्रदेश समाज कल्याण विभाग के निदेशक कुमार प्रशांत भी विद्यालय पहुंचे। उन्होंने शिक्षण स्टाफ से विद्यालय की व्यवस्थाओं के संबंध में बिंदुवार जानकारी ली और जिलाधिकारी के साथ बेहतर प्रबंधन को लेकर बैठक की।
निदेशक कुमार प्रशांत ने बताया कि छात्रों की प्रमुख मांग शिक्षकों की कमी से जुड़ी है, जिसका जल्द समाधान किया जाएगा। पिछले सत्र में कार्यरत सभी गेस्ट टीचरों को इस सत्र में भी जारी रखने का आदेश दिया गया है और उन्हें जल्द ज्वाइन करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि भोजन की गुणवत्ता सुधारने के लिए मेस कमेटी गठित की जाएगी, जिसमें शिक्षक और छात्र दोनों शामिल होंगे। विद्यालय में साफ-सफाई के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा। अतिरिक्त आरओ लगाया जाएगा और पेयजल की समस्या दूर की जाएगी।
इसके अलावा खेल मैदान की लेवलिंग कराने, खेल सामग्री बढ़ाने और उपलब्ध नहीं होने वाली एनसीईआरटी की पुस्तकों को एक-दो दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। छात्रों के हेल्थ कार्ड बनाए जाएंगे और नियमित स्वास्थ्य कैंप भी आयोजित किए जाएंगे। शिक्षकों की काउंसलिंग कर उन्हें छात्रों के साथ मित्रवत व्यवहार करने के निर्देश दिए जाएंगे।
प्रशासन और समाज कल्याण विभाग की ओर से उठाए गए इन कदमों के बाद छात्रों का प्रदर्शन समाप्त हो गया। अधिकारियों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार और छात्रों की शिकायतों के निस्तारण का भरोसा दिलाया है।