
वाराणसी। नौकरी के नाम पर झांसा देकर बेरोजगार युवक, युवतियों से धोखाधड़ी कर रुपए हड़पने के मामले में दो आरोपितों को कोर्ट से राहत मिल गई। उच्च न्यायालय से जमानत अर्जी मंजूर होने के बाद अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम) की अदालत ने आरोपित उत्कर्ष सिंह और सूरज यादव को एक-एक लाख रुपए के दो जमानतदार व बंधपत्र देने पर रिहा करने का आदेश दिया। अदालत में बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता विकास सिंह ने पक्ष रखा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना साइबर क्राइम को 09 जुलाई 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि थाना रोहनिया के पुलिस चौकी अखरी के अन्तर्गत ग्राम औढे बछांव के पास कुछ अज्ञात व्यक्तियों द्वारा काफी दिनो से किराये पर मकान/हाल लेकर अवैध रूप से लोगो को नौकरी दिलाने के नाम पर अपने साथ जोडकर नेटवर्क/मल्टी-लेवल-मार्केटिंग का कार्य किया जा रहा है एवं अवैध रूप से आर्थिक लाभ प्राप्त किया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर विश्वास कर साइबर थाने के निरीक्षक योगेन्द्र प्रसाद फोर्स के साथ उक्त स्थान पर छापेमारी की। छापेमारिक दौरान मौके से आरोपित उत्कर्ष सिंह व सूरज यादव समेत 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि मातलदेई जाने वाले मार्ग पर सुधा पर्यावरण संस्थान बिल्डिंग में अभी करीब 200 लोग मौजूद है जिनको नौकरी देने के नाम पर पैसा लेकर जबरिया बैठाकर मल्टी-लेवल-माकेटिंग की ट्रेनिंग दी जा रही है। हमारा मेन आफिस गणपति टावर मे है, जहां से यह व्यापार संचालित करते है। जोकि महादेव इण्टरप्राइजेज के नाम से है। इसका मालिक दीपक कुमार पुत्र भुवनेश्वर शाह निवासी ग्राम कुरण्डा पोस्ट सिमुलतला थाना सिमुलतला जनपद जमुई बिहार है। उसी के द्वारा महादेव इण्टरप्राइजेज नाम से कम्पनी खोलकर तथा रायल हेल्थ इण्डिया नाम की मल्टीलेवल मार्केटिंग कम्पनी की फेन्चाइजी लिया गया है और उसमे अधिकांश अन्य राज्यो के लोगो जैसे बिहार झारखण्ड मध्यप्रदेश आदि को नौकरी का झांसा देकर बुलाया जाता है और बाद मे उनसे पैसा ऐंठा जाता है। जिसके बाद मौके पर मौजूद 19 आरोपितों को गिरफ्तार कर उनके पास 20 मोबाइल, 02 चार पहिया वाहन व एक लैपटाप व 4020-/ रूपये नगद बरामद हुए थे।

