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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा, “ये सच था कि 2017 से पहले हमारे सामने चुनौती केवल संसाधनों की नहीं थी, चुनौती व्यवस्था के दृष्टिकोण की भी थी।

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प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही की भी। कानून व्यवस्था की भी चुनौती थी और न्यायिक इंफ्रास्ट्रक्चर की भी चुनौती हम सभी के सामने थी। न्याय व्यवस्था की पहली कड़ी पुलिस होती है। 2017 से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस बल में लगभग 45-50% जगह खाली पड़ी थी। कोई पूछने वाला नहीं था। जब हम लोगों ने भर्ती की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया तो उस समय उत्तर प्रदेश पुलिस में ट्रेनिंग की क्षमता सिर्फ 3 हजार की थी। तब ट्रेनिंग की क्षमता नहीं थी, पुलिस के लिए बुनियादी क्षमताएं भी नहीं थी। आज मुझे बताते हुए खुशी है कि आज हम लोगों ने ट्रेनिंग की क्षमता को 3 हजार से बढ़ाकर 7 हजार पुलिस कार्मिकों को हर वर्ष ट्रेनिंग दे सकते हैं, आधुनिक ट्रेनिंग के साथ जोड़ सकते हैं।”

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