

उन्नाव।प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के तहत चयनित गांवों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने को लेकर मंगलवार, 15 सितंबर 2026 को विकास भवन सभागार में जिलाधिकारी घनश्याम मीना की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने ग्राम स्तर से चयन और अनुमोदन के बाद 70 गांवों में विकास कार्य कराने के लिए जिला स्तर पर अनुमोदन प्रदान किया।

20 लाख रुपये तक के होंगे विकास कार्य
योजना के तहत चयनित 70 गांवों में स्वच्छ पेयजल, ठोस एवं तरल अपशिष्ट निस्तारण, विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में शौचालय निर्माण तथा आंगनबाड़ी केंद्रों का निर्माण कराया जाएगा।
इसके अलावा सोलर लाइट, स्ट्रीट लाइट, जल जीवन मिशन से संतृप्त न होने वाले गांवों में ओवरहेड टैंक, आरसीसी छोटी पुलिया, बोरवेल, नाली, सोकपिट, पाइपलाइन एक्सटेंशन, ट्रांसफार्मर और ग्राउंड लेवल रिजर्वायर सहित अन्य आवश्यक कार्य कराए जाएंगे।
इन विकास कार्यों के लिए योजना के अंतर्गत 20 लाख रुपये तक की धनराशि से कार्य कराए जाने का प्रावधान है।
गुणवत्ता और समयसीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश
जिलाधिकारी घनश्याम मीना ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रधानमंत्री आदर्श ग्राम योजना के निर्धारित मानकों के अनुसार चयनित गांवों में सभी आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने कहा कि इन 70 गांवों में प्राथमिकता के आधार पर गुणवत्तापूर्ण विकास कार्य कराए जाएं और पात्र लोगों को सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से संतृप्त किया जाए।
उन्होंने शेष गांवों का शीघ्र सर्वे कराकर आगणन तैयार करने तथा आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश जिला समाज कल्याण अधिकारी को दिए। जिलाधिकारी ने विकास कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराने और गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने को कहा।
डीएम ने स्पष्ट किया कि योजना के अंतर्गत कराए जा रहे कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय करते हुए कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में जिला समाज कल्याण अधिकारी प्रकाश पांडेय, उपनिदेशक कृषि, डीसी मनरेगा मुकेश कुमार, अधिशासी अभियंता प्रांतीय खंड सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।