
फतेहपुर। 16 सितंबर 2026 को हसवा क्षेत्र में हुई फायरिंग की घटना के संबंध में पुलिस द्वारा की गई विस्तृत जांच और अब तक प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर मामले में महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। पुलिस अधीक्षक फतेहपुर श्री अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि जांच में प्रकाश में आया है कि रिंकू लोहारी पक्ष द्वारा बलराम मिश्रा तथा उसके अन्य सहयोगियों को साथ लाया गया था। ये सभी शिवरामऊ, थाना गाजीपुर क्षेत्र के निवासी बताए गए हैं और इनमें कुछ लोगों का पूर्व से आपराधिक इतिहास भी रहा है।

पुलिस अधीक्षक के अनुसार, जांच के दौरान प्राप्त साक्ष्यों से फायरिंग किए जाने की पुष्टि इन्हीं लोगों की ओर से हुई है। वहीं, वीरेंद्र सिंह पक्ष की ओर से फायरिंग किए जाने की पुष्टि जांच में नहीं हुई है।
मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए रिंकू लोहारी सहित उसके चार अन्य सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। घटना में प्रयुक्त असलहों की बरामदगी के लिए पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं। इसके साथ ही प्रकरण में शेष वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए भी संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में मुख्य रूप से वांछित दीपू पटेल और गजानन मिश्रा की गिरफ्तारी के लिए ₹25-25 हजार का पुरस्कार घोषित किया गया है। पुलिस टीमों को दोनों वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
एसपी फतेहपुर अभिमन्यु मांगलिक ने कहा कि प्रकरण में सामने आए सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष कार्रवाई की जा रही है तथा शेष अभियुक्तों की गिरफ्तारी और घटना में प्रयुक्त असलहों की बरामदगी के लिए पुलिस टीमों का अभियान लगातार जारी है।