

राजातालाब। भारतीय समाज में महिलाओं को आदिकाल से ही पूजनीय माना गया है। नवरात्र में देवियों की पूजा अर्चना कर लोग घर परिवार और देश में सुख समृद्धि की कामना करते हैं। उक्त बातें टीचर एसोसिएशन फॉर सोशल टीच के संरक्षक हरिप्रसाद सिंह ने शाहंशाहपुर में महिला सम्मान कार्यक्रम के दौरान कही। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में महिलाएं सिर्फ शिक्षा ही नहीं ग्रहण करती थीं बल्कि विद्वत्ता को भी प्राप्त करती थीं। कालांतर में कुछ समस्याएं और कुरीतियां आईं जिनको भारतीय जनमानस ने समय-समय पर दूर किया। इस दौरान वरिष्ठ समाजसेवी नीरज पांडेय ने कहा कि परतंत्रता काल के दौरान भी महिलाओं ने देश को आजाद कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आज भी महिलाएं हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर कार्य कर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाएं कृषि पशुपालन में सहयोग कर देश को उत्पादकता के शिखर पर पहुंचा रही हैं। कार्यक्रम में मनीष सिंह, प्रणय सिंह, भूपेंद्र सिंह, वहीद खां, गोल्डी, अरविंद, विनीत, अमरेश्वर सहित अन्य ने भी अपने विचार रखे। इस दौरान इंद्रावती देवी, सुमन, सुरसत्ती, रामकली, बबीता सहित भारी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
