

आज अपर पुलिस आयुक्त, कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय, कमिश्नरेट वाराणसी श्री शिवहरी मीणा द्वारा पुलिस उपायुक्त काशी जोन श्री गौरव बंसवाल, अपर पुलिस उपायुक्त काशी जोन वैभव बांगर, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय श्री विनीत भटनागर, अपर पुलिस उपायुक्त सुरक्षा श्री मुकेश कुमार, सहायक पुलिस आयुक्त कोतवाली श्री विजय कुमार एवं अन्य राजपत्रित अधिकारियों तथा पुलिस बल के साथ नमो घाट एवं आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण कर सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया गया।उल्लेखनीय है कि दिनांक 22, 24 एवं 25 अक्टूबर 2026 को कमिश्नरेट वाराणसी के नमो घाट पर भारतीय वायुसेना दिवस की 94वीं वर्षगांठ के अवसर पर हवाई प्रदर्शन (एरियल डिस्प्ले-2026) कार्यक्रम प्रस्तावित है। कार्यक्रम में अनेक विशिष्ट महानुभावों के शामिल होने तथा भारी संख्या में आमजन के प्रतिभाग करने की संभावना के दृष्टिगत व्यापक सुरक्षा प्रबंध सुनिश्चित किए जा रहे हैं।
भ्रमण के दौरान दिए गए मुख्य निर्देश –

- कार्यक्रम स्थल, प्रवेश-निकास द्वार, घाटों, संपर्क मार्गों, पार्किंग स्थलों एवं संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण कर प्रत्येक ड्यूटी प्वाइंट पर नामवार पुलिसकर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।
- विशिष्ट महानुभावों के आगमन को देखते हुए निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षा इकाइयों से समन्वय स्थापित किया जाए।
- सभी प्रवेश द्वारों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात कर प्रभावी चेकिंग एवं फ्रिस्किंग सुनिश्चित की जाए।
- विशाल जनसमूह के आवागमन एवं निकासी हेतु पृथक मार्ग निर्धारित कर पर्याप्त बल तैनात किया जाए तथा भीड़ के दबाव की निरंतर निगरानी की जाए।
- यातायात संचालन हेतु विस्तृत कार्ययोजना बनाकर आवश्यक डायवर्जन, नो-एंट्री एवं वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए जाएं।
- वीवीआईपी, वीआईपी, पुलिसकर्मियों, मीडिया एवं आमजन के वाहनों हेतु निर्धारित पार्किंग स्थलों का निरीक्षण कर क्षमता अनुसार व्यवस्था की जाए।
- कार्यक्रम स्थल एवं आसपास के सीसीटीवी कैमरों की कार्यशीलता जांच कर कंट्रोल रूम से निगरानी सुनिश्चित की जाए।
- ड्रोन से प्राप्त दृश्यों का कंट्रोल रूम में सतत विश्लेषण कर असामान्य भीड़ एवं संदिग्ध गतिविधियों की पहचान की जाए।
- प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में ड्रोन उड़ान पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा, उल्लंघन पर कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
- स्थानीय अभिसूचना इकाई एवं थाना प्रभारियों द्वारा होटल, गेस्ट हाउस में सतर्क निगरानी रखकर संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन किया जाए।
- आमजन की सुविधा हेतु पुलिस सहायता, खोया-पाया एवं पूछताछ केंद्र स्थापित किए जाएं।
- सभी प्रवेश द्वारों पर पर्याप्त डीएफएमडी स्थापित कर मेटल स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए, महिला आगंतुकों की जांच हेतु महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाए।
- गंगा तटवर्ती क्षेत्रों, वीवीआईपी मार्गों एवं प्रमुख चौराहों पर मजबूत बैरिकेडिंग लगवाकर अनाधिकृत प्रवेश रोका जाए तथा आपातकालीन निकासी मार्ग अवरोधमुक्त रखे जाएं।