
मुख्य कार्यपालक अधिकारी सत्यम मिश्रा ने दी जानकारी, नवंबर में IIT मद्रास की विशेषज्ञ टीम करेगी स्थलीय निरीक्षण; वैज्ञानिक पद्धति से होगी मरम्मत

वाराणसी। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के क्षतिग्रस्त शिखर को लेकर सोशल मीडिया और विभिन्न माध्यमों पर फैल रही भ्रामक खबरों पर मंदिर प्रशासन ने स्पष्टीकरण जारी किया है। मंदिर प्रशासन के अनुसार, अप्रैल 2026 में क्षतिग्रस्त हुए शिखर को यथास्थिति में सुरक्षित रखा गया है। शिखर के गायब होने या सोना गायब होने संबंधी खबरों को निराधार बताया गया है।
शुक्रवार, 16 अक्टूबर 2026 को द वॉयस ऑफ इंडिया न्यूज की संवाददाता निशा यादव को दिए विशेष साक्षात्कार में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी सत्यम मिश्रा ने स्थिति स्पष्ट की। उन्होंने बताया कि क्षतिग्रस्त शिखर मंदिर के सुरक्षित लॉकर में रखा गया है और मंदिर प्रशासन के अनुसार, इस मामले में किसी प्रकार की संपत्ति के नुकसान की जानकारी नहीं है।
जल्दबाजी में नहीं होगी ऐतिहासिक धरोहर की मरम्मत
मुख्य कार्यपालक अधिकारी ने स्पष्ट किया कि मंदिर के क्षतिग्रस्त शिखर की मरम्मत जल्दबाजी में नहीं कराई जाएगी। इसके लिए विशेषज्ञों की तकनीकी सलाह और वैज्ञानिक पद्धति अपनाई जाएगी। नवंबर में IIT मद्रास की तकनीकी टीम के विशेषज्ञों द्वारा दोबारा स्थलीय निरीक्षण किए जाने की जानकारी दी गई है। निरीक्षण के बाद विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में मरम्मत की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व से जुड़ी इस धरोहर की मरम्मत में उसकी सुरक्षा, मूल स्वरूप और तकनीकी पहलुओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा।
भ्रामक खबरों से काशीवासियों की भावनाएं आहत
साक्षात्कार के दौरान संवाददाता निशा यादव ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत कर उनकी प्रतिक्रियाएं जानीं। वाराणसी की निवासी अनिता यादव के साथ मैदागिन थाना क्षेत्र के आनंद सेठ और मनोज मिश्रा ने भी इस विषय पर अपनी राय रखी।
स्थानीय लोगों का कहना था कि श्री काशी विश्वनाथ मंदिर सनातन संस्कृति की आस्था, परंपरा और गौरव का प्रतीक है। ऐसे में मंदिर से जुड़ी किसी भी संवेदनशील जानकारी को बिना पुष्टि के प्रसारित करने से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हो सकती हैं। उन्होंने भ्रामक बयानों और अपुष्ट खबरों से बचने की अपील की।
आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील
काशी विश्वनाथ मंदिर से जुड़ा कोई भी संवेदनशील मामला श्रद्धालुओं के लिए विशेष महत्व रखता है। ऐसे में मंदिर प्रशासन की ओर से जारी आधिकारिक स्पष्टीकरण को ध्यान में रखते हुए लोगों से अपुष्ट सूचनाओं पर विश्वास नहीं करने की अपील की गई है।
रिपोर्ट: निशा यादव, संवाददाता, द वॉयस ऑफ इंडिया न्यूज, वाराणसी।
