
मौसम में बदलाव के आसार

वाराणसी-पूर्वांचल में मानसून की दस्तक से पहले गर्मी ने एक बार फिर अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। मंगलवार को वाराणसी और प्रयागराज देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहे। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार वाराणसी का अधिकतम तापमान सामान्य से पांच डिग्री अधिक 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि प्रयागराज का तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। भीषण गर्मी, तेज धूप, उमस और गर्म हवाओं ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया। सुबह से ही सूरज के तीखे तेवर देखने को मिले। दोपहर होते-होते सड़कों पर सन्नाटा छा गया और लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकले। बाजारों, चौराहों और सार्वजनिक स्थलों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में कम भीड़ दिखाई दी। गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों को पूरे दिन परेशान किया। सामान्य से पांच डिग्री अधिक पहुंचा पारा मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार वाराणसी का अधिकतम तापमान 43 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब पांच डिग्री अधिक है। वहीं न्यूनतम तापमान 28.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। हवा में नमी का स्तर 34 से 55 प्रतिशत के बीच रहने से उमस भी लोगों को बेहाल करती रही। गर्मी और नमी के संयुक्त प्रभाव के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से अधिक गर्मी महसूस हुई। दोपहर के समय सड़कों पर निकलने वाले लोगों को लू जैसे हालात का सामना करना पड़ा। यूपी आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार प्रदेश में बढ़ती गर्मी के पीछे मानसून का नजदीक पहुंचना भी एक बड़ा कारण है। वर्तमान में मानसूनी बादल वाराणसी से लगभग 250 किलोमीटर दूर पटना क्षेत्र तक पहुंच चुके हैं। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि मानसून उत्तर प्रदेश में कुशीनगर अथवा सोनभद्र के रास्ते प्रवेश कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसमीय परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो 20 जून के बाद पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून की औपचारिक दस्तक हो सकती है। मानसून के आगमन के साथ तापमान में गिरावट और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। लू की आशंका बढ़ी, आंधी-बारिश भी संभव आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. सिंह ने बताया कि प्रदेश में फिलहाल कोई प्रभावी मौसम तंत्र सक्रिय नहीं है। इसके चलते आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई जिलों में लू की स्थिति बन सकती है। उन्होंने बताया कि अगले चार से पांच दिनों के दौरान प्रदेश में भीषण गर्मी और लू के बीच कहीं-कहीं आंधी और हल्की बारिश की परिस्थितियां भी बन सकती हैं। हालांकि वाराणसी के लिए अभी तक लू अथवा भारी बारिश का कोई आधिकारिक अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन अगले दो दिनों में मौसम की स्थिति को देखते हुए चेतावनी जारी की जा सकती है। तेज गर्मी और उमस को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को दोपहर 11 बजे से शाम 4 बजे तक अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान ने किसानों में उम्मीद जगाई है कि अगले कुछ दिनों में मानसून की दस्तक के साथ मौसम का मिजाज बदलेगा और भीषण गर्मी से राहत मिलेगी। फिलहाल काशीवासियों को अगले कुछ दिनों तक गर्मी और उमस का सामना करना पड़ सकता है। मौसम विभाग की निगाहें मानसून की गतिविधियों पर टिकी हैं।