

45 देशों से पहुंचे 216 विदेशी खरीदार, 231 खरीद प्रतिनिधियों ने देखे कालीनों के नए डिजाइन; 223 निर्यातकों ने सजाए स्टॉल

संवाददाता: प्रिंस गुप्ता, भदोही
भदोही। कारपेट सिटी में चार दिनों तक चले 50वें गोल्डन जुबली इंडिया कार्पेट एक्सपो का बुधवार को समापन हो गया। अंतिम दिन सात अक्टूबर को कारपेट एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (सीईपीसी) की ओर से आयोजित प्रेसवार्ता में एक्सपो की उपलब्धियों की जानकारी दी गई। परिषद के अनुसार मेले में करीब 500 करोड़ रुपये के संभावित कारोबार के लिए ऑर्डर और पूछताछ मिली है। 45 देशों से पहुंचे 216 विदेशी खरीदारों और 231 खरीद प्रतिनिधियों की भागीदारी से भारतीय कालीनों के वैश्विक बाजार में मांग बढ़ने की उम्मीद जगी है।
चार अक्टूबर को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्सपो का उद्घाटन किया था। इस दौरान सांसद डॉ. विनोद कुमार बिंद, विधायक दीनानाथ भास्कर व विपुल दुबे, जिला पंचायत अध्यक्ष अनिरुद्ध त्रिपाठी, एमएसएमई के प्रमुख सचिव शशि भूषण लाल सुशील समेत जनप्रतिनिधि, अधिकारी, निर्यातक और उद्योग जगत से जुड़े लोग मौजूद रहे।
223 निर्यातकों ने प्रदर्शित किए उत्पाद
चार से सात अक्टूबर तक चले एक्सपो में उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों के 223 छोटे, मध्यम और बड़े कालीन निर्माता-निर्यातकों ने अपने उत्पाद प्रदर्शित किए। विदेशी खरीदारों ने हाथ से तैयार भारतीय कालीनों के नए डिजाइन, रंग संयोजन और पारंपरिक कारीगरी को देखा। स्टॉलों पर खरीदारों और निर्यातकों के बीच कारोबारी बातचीत और संभावित ऑर्डर को लेकर चर्चा होती रही।
छोटे निर्यातकों को मिला विदेशी बाजार से जुड़ने का मंच
सीईपीसी अध्यक्ष कैप्टन मुकेश कुमार गोम्बर ने कहा कि इंडिया कार्पेट एक्सपो छोटे और मध्यम निर्यातकों के लिए महत्वपूर्ण मंच है। विदेशों में आयोजित प्रदर्शनियों में शामिल होने का खर्च वहन नहीं कर पाने वाले निर्यातकों को इसी मंच पर विदेशी खरीदारों से सीधे संवाद का अवसर मिलता है। एक्सपो के दौरान हुई कारोबारी बातचीत आने वाले समय में बड़े ऑर्डर में बदल सकती है।
20 लाख बुनकरों और कारीगरों को लाभ की उम्मीद
सीईपीसी के अनुसार कालीन उद्योग से करीब 20 लाख बुनकर और कारीगर जुड़े हैं। विदेशी बाजार में भारतीय कालीनों की मांग बढ़ने से उत्पादन और रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद है। परिषद का कहना है कि ऐसे आयोजनों से भारतीय कालीनों को नए अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलती है।
45 देशों से पहुंचे खरीदार
अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, बहरीन, बेलारूस, बेल्जियम, ब्राजील, कनाडा, चीन, डेनमार्क, मिस्र, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, स्पेन, स्वीडन, थाईलैंड, तुर्की, संयुक्त अरब अमीरात, ब्रिटेन, अमेरिका और यूक्रेन समेत करीब 45 देशों से विदेशी खरीदार एक्सपो में पहुंचे।
सीईपीसी पदाधिकारियों ने जताई खुशी
सीईपीसी उपाध्यक्ष असलम महबूब और प्रशासनिक समिति (COA) के सदस्यों ने विदेशी खरीदारों की भागीदारी और प्रदर्शकों को मिली सकारात्मक प्रतिक्रिया पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि एक्सपो से भदोही समेत देश के कालीन कारोबार को नए बाजार मिलने की संभावना बढ़ी है।
इन पदाधिकारियों ने निभाई भूमिका
एक्सपो की सफलता पर सीईपीसी
के प्रशासनिक सदस्य अनिल कुमार सिंह, बोध राज मल्होत्रा, दीपक खन्ना, सूर्यमणि तिवारी, रवि पटोदिया, हुसैन जफर हुसैनी, कुलदीप वट्टल, महावीर प्रताप शर्मा, शौकत खान, इम्तियाज अहमद, मेहराज यासीन जान, मोहम्मद वसीफ अंसारी, पीयूष कुमार बरनवाल, रोहित गुप्ता, संजय कुमार गुप्ता और शेख आशिक अहमद ने प्रसन्नता जताई।
सीईपीसी अध्यक्ष कैप्टन मुकेश कुमार गोम्बर ने एक्सपो को सफल बनाने में सहयोग के लिए केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं वस्त्र मंत्रालय, उत्तर प्रदेश सरकार, भदोही प्रशासन और मीडिया के प्रति आभार जताया।
आयोजकों के अनुसार एक्सपो में मिले करीब 500 करोड़ रुपये के संभावित कारोबार से आने वाले दिनों में भारतीय कालीन उद्योग को मजबूती मिलने की उम्मीद है।