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“अंडों से डर या कानून से सामना? सुप्रीम कोर्ट ने महुआ मोइत्रा से कहा, ‘स्वतंत्रता सेनानियों ने गोलियां खाईं, आपको थाने जाना होगा'”

Hamari sevaye

नई दिल्ली: धार्मिक भावनाओं के कथित अपमान से जुड़े मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सांसद महुआ मोइत्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट कर दिया कि उन्हें जांच में सहयोग के लिए स्वयं थाने में उपस्थित होना होगा और वर्चुअल माध्यम से पूछताछ की अनुमति नहीं दी जाएगी।

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सुनवाई के दौरान महुआ मोइत्रा की ओर से दलील दी गई कि 1 जुलाई को उनके ऊपर अंडे और पत्थर फेंके गए थे, जिससे उनकी सुरक्षा को लेकर चिंता है। इसी आधार पर उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पूछताछ की अनुमति मांगी। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि “सिर्फ अंडे फेंके जाने से डरने की बात नहीं है, स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए गोलियां तक खाई थीं।”

अदालत ने कहा कि कानून की प्रक्रिया का पालन करना सभी के लिए अनिवार्य है और जांच में व्यक्तिगत रूप से सहयोग करना होगा।

महुआ मोइत्रा के खिलाफ पश्चिम बंगाल के नदिया जिले के होगलाबेरिया थाने में धार्मिक भावनाओं को आहत करने के आरोप में शिकायत दर्ज है। अदालत के निर्देश के अनुसार उन्हें 14 अगस्त को थाने में उपस्थित होकर जांच में सहयोग करना होगा।

गौरतलब है कि 1 जुलाई को एक कार्यक्रम के दौरान महुआ मोइत्रा पर अंडे और पत्थर फेंके गए थे। उस घटना के बाद बुर्का पहनकर निकलने को लेकर भी राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था। अब सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद इस मामले की जांच आगे बढ़ेगी और महुआ मोइत्रा को निर्धारित तिथि पर थाने में उपस्थित होना होगा।

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