

कोलकाता। पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष शमीक भट्टाचार्य ने पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा है कि भाजपा को अपनी मूल विचारधारा, संगठनात्मक संस्कृति और अनुशासन से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि भाजपा का “तृणमूलीकरण” हुआ, तो राज्य में पार्टी का अस्तित्व गंभीर संकट में पड़ सकता है।

भट्टाचार्य ने कहा कि भाजपा की पहचान उसकी विचारधारा, पारदर्शिता और संगठनात्मक मूल्यों से है। यदि पार्टी में ऐसी कार्यशैली या संस्कृति हावी होने लगी, जो उसकी मूल पहचान के विपरीत हो, तो इसका सीधा नुकसान संगठन को उठाना पड़ेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पार्टी की साख और अनुशासन बनाए रखने की अपील की।
प्रदेश अध्यक्ष ने कथित “कट मनी”, अवैध वसूली और भ्रष्टाचार जैसे आरोपों का भी जिक्र करते हुए कहा कि ऐसे मामलों को बेहद गंभीरता से लिया जाना चाहिए। उनका कहना था कि भ्रष्ट या विवादित छवि वाले लोगों के लिए भाजपा में कोई स्थान नहीं होना चाहिए और पार्टी की छवि से किसी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिन नेताओं या विधायकों पर आरोप लगाए गए हैं, उनके मामलों में जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है। आरोपों की आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है और अंतिम निर्णय कानून के अनुसार ही होगा।
भाजपा नेतृत्व का कहना है कि संगठन में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही सर्वोच्च प्राथमिकता है। राजनीतिक जानकार शमीक भट्टाचार्य के इस बयान को पश्चिम बंगाल भाजपा के भीतर संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को स्पष्ट संदेश देने और पार्टी की छवि को बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।