

सीसीटीवी और एनपीआर कैमरों की मदद से खुला राज, पत्नी समेत तीन आरोपी गिरफ्तार, एक बाल अपचारी पुलिस संरक्षण में; पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का पुरस्कार

उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में रायबरेली-उन्नाव हाईवे किनारे लोहे के बड़े बॉक्स में बंद मिले युवक के शव की गुत्थी पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, युवक की हत्या उसकी पत्नी ने अपने पड़ोसी के साथ मिलकर की थी। इसके बाद शव को चादर और कंबल में लपेटकर लोहे के बॉक्स में रखा गया और लोडर की मदद से हाईवे किनारे फेंक दिया गया, ताकि मृतक और घटना के बारे में किसी को जानकारी न मिल सके।
कोतवाली सदर पुलिस, स्वाट टीम और सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में मृतक की पत्नी नेहा रावत समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। वहीं, एक बाल अपचारी को पुलिस संरक्षण में लिया गया है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया बट्टा/लोढ़ा, लोडर और लोहे का बॉक्स भी बरामद किया है। मामले में शामिल पुलिस टीम को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने 20 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
हाईवे किनारे बॉक्स में मिला था खून से लथपथ शव
पुलिस के अनुसार, 20 अक्टूबर 2026 को कोतवाली सदर पुलिस को सूचना मिली कि रायबरेली-उन्नाव हाईवे पर हेल्थ हॉस्पिटल के सामने एक बड़ा संदिग्ध बॉक्स रखा हुआ है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और बॉक्स खोलकर देखा तो उसके अंदर चादर और कंबल में लिपटा एक पुरुष का खून से लथपथ शव मिला।
घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, पुलिस अधीक्षक उत्तरी और क्षेत्राधिकारी नगर ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसएसपी ने हत्या का जल्द खुलासा करने के लिए कोतवाली पुलिस, स्वाट और सर्विलांस टीम को आवश्यक निर्देश दिए। इसके बाद पुलिस की पांच टीमें गठित कर जांच शुरू की गई।
सीसीटीवी और एनपीआर कैमरों से मिला अहम सुराग
पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान एक छोटा हाथी लोडर बड़े बॉक्स को गदनखेड़ा की तरफ से लाते हुए दिखाई दिया। कुछ समय बाद वही वाहन बिना बॉक्स के वापस कानपुर की दिशा में जाता नजर आया।
इसके बाद रास्ते में लगे एनपीआर कैमरों की मदद से लोडर का नंबर यूपी 35 एटी 1938 स्पष्ट हुआ। वाहन के पंजीकृत मालिक की जानकारी जुटाने के बाद पुलिस कंचन नगर, शुक्लागंज निवासी नेहा रावत तक पहुंची। जांच में सामने आया कि नेहा ने कमरा खाली करने और सामान दूसरी जगह ले जाने के लिए 1200 रुपये में लोडर किराये पर लिया था।
पुलिस ने नेहा को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो मामले की परतें खुलती चली गईं।
पड़ोसी के साथ मिलकर पति की हत्या का आरोप
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में सामने आया कि नेहा रावत और उसके पति सोनू के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस का कहना है कि सोनू के नशे की लत और दोनों के बीच अक्सर होने वाले झगड़ों के कारण घरेलू कलह बढ़ गई थी।
आरोप है कि 19 और 20 अक्टूबर की दरमियानी रात नेहा ने अपने पड़ोसी जितेंद्र सिंह उर्फ राहुल के साथ मिलकर सोनू की हत्या कर दी। पुलिस के अनुसार, वारदात में बट्टा/लोढ़ा का इस्तेमाल किया गया और बाद में कंबल से मुंह और नाक दबाने की बात भी सामने आई है।
हत्या के बाद शव को कमरे में ही रखा गया। फिर चादर और कंबल में लपेटकर लोहे के बड़े बॉक्स में बंद कर दिया गया। इसके बाद लोडर की मदद से बॉक्स को कंचन नगर, शुक्लागंज से गदनखेड़ा होते हुए रायबरेली-उन्नाव हाईवे तक ले जाया गया। आरोप है कि हेल्थ हॉस्पिटल के सामने सड़क किनारे बॉक्स फेंककर सभी वहां से फरार हो गए।
पत्नी समेत तीन गिरफ्तार, बाल अपचारी भी पुलिस संरक्षण में
पुलिस ने इस मामले में नेहा रावत, जितेंद्र सिंह उर्फ राहुल और तौहीद को गिरफ्तार किया है। एक बाल अपचारी को भी पुलिस संरक्षण में लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों का विवरण इस प्रकार है:
- नेहा रावत, पत्नी सोनू, निवासी कंचन नगर, शुक्लागंज, उन्नाव, उम्र करीब 40 वर्ष।
- जितेंद्र सिंह उर्फ राहुल, पुत्र मुन्ना सिंह, निवासी कंचन नगर बी, शुक्लागंज, उन्नाव, उम्र करीब 35 वर्ष।
- तौहीद, पुत्र शमीम, निवासी सीताराम कॉलोनी, रेलवे पुल के नीचे, थाना गंगाघाट, उन्नाव, उम्र करीब 25 वर्ष।
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान सोनू के रूप में हुई। इसके बाद मृतक के भाई आशू की तहरीर पर कोतवाली सदर में मुकदमा संख्या 651/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 238 में मामला दर्ज किया गया।
लोडर चालक की भूमिका की भी जांच
पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किया गया बट्टा/लोढ़ा, लोडर छोटा हाथी नंबर यूपी 35 एटी 1938 और लोहे का बड़ा बॉक्स बरामद किया है। इसके अलावा तौहीद के पास से 4,000 रुपये और बाल अपचारी के पास से 4,200 रुपये बरामद होने की जानकारी दी गई है।
लोडर के पंजीकृत मालिक और चालक राजेश गुप्ता की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि घटना में उसकी संलिप्तता को लेकर विवेचना जारी है। फिलहाल, उसकी भूमिका के संबंध में अंतिम निष्कर्ष सामने नहीं आया है।
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी तौहीद के खिलाफ पहले से भी दो आपराधिक मामले दर्ज हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और विवेचना नियमानुसार की जा रही है।
इन पुलिसकर्मियों ने की कार्रवाई
इस पूरे मामले के खुलासे में प्रभारी निरीक्षक चंद्रकांत मिश्र, अपराध निरीक्षक नईम खां, उपनिरीक्षक अनिल कुमार साहू, अनिल कुमार सिद्धार्थ तथा कांस्टेबल हरिओम, भूपेंद्र, महेश सिंह, रविंद्र कुमार और महिला कांस्टेबल प्रिया यादव व लक्ष्मी चौधरी सहित स्वाट एवं सर्विलांस टीम की भूमिका रही।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने घटना का सफल अनावरण करने वाली पुलिस टीम को 20,000 रुपये नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।
फिलहाल पुलिस मामले की विवेचना कर रही है। हाईवे किनारे बॉक्स में मिले शव से शुरू हुई जांच सीसीटीवी और एनपीआर कैमरों की मदद से आरोपियों तक पहुंची। पुलिस की त्वरित कार्रवाई से घटना का खुलासा होने का दावा किया गया है, जबकि लोडर चालक की भूमिका समेत अन्य पहलुओं की जांच अभी जारी है।