

पश्चिम बंगाल की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व विधायक और फलता विधानसभा सीट से पार्टी के उम्मीदवार रहे जहांगीर खान को पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने नेपाल सीमा के पास से गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि वह देश छोड़कर नेपाल भागने की फिराक में था, लेकिन एसटीएफ की सतर्कता और तकनीकी निगरानी के चलते उसे पकड़ लिया गया।

जानकारी के अनुसार, जहांगीर खान हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनाव के बाद से ही लापता चल रहा था। पुलिस और जांच एजेंसियां लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थीं। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास, जबरन वसूली, दंगा भड़काने और अन्य गंभीर अपराधों सहित कुल सात मामले दर्ज हैं। इसके अलावा उस पर मनी लॉन्ड्रिंग के आरोप भी हैं, जिसकी जांच प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा की जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक, एसटीएफ ने जहांगीर खान को पकड़ने के लिए तकनीकी सर्विलांस का सहारा लिया। जांच के दौरान उसके एक करीबी सहयोगी के मोबाइल फोन की लोकेशन और गतिविधियों पर नजर रखी गई। इसी क्रम में पुलिस को जहांगीर के नेपाल सीमा की ओर बढ़ने की जानकारी मिली। इसके बाद एसटीएफ की टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए उसे सीमा क्षेत्र में धर दबोचा।
हालांकि पुलिस ने अभी तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि गिरफ्तारी नेपाल सीमा के किस स्थान से और किस समय की गई। उम्मीद की जा रही है कि पश्चिम बंगाल पुलिस और एसटीएफ जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मामले की विस्तृत जानकारी साझा करेंगे।
जहांगीर खान लंबे समय से विवादों में रहा है। उसके खिलाफ कई आपराधिक मामलों की जांच चल रही है। अदालत में गिरफ्तारी से बचने के लिए उसने कानूनी राहत भी ली थी। कोलकाता हाईकोर्ट ने उसे कुछ समय के लिए गिरफ्तारी से अंतरिम सुरक्षा प्रदान की थी, लेकिन बाद में अदालत ने इस सुरक्षा को आगे बढ़ाने से इनकार कर दिया। इसके बाद से ही पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
राजनीतिक रूप से भी जहांगीर खान का नाम काफी चर्चित रहा है। तृणमूल कांग्रेस ने हालिया चुनाव में उसे फलता विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया था। हालांकि चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में उसने अचानक चुनावी मैदान से हटने का ऐलान कर दिया था, जिससे राजनीतिक हलकों में कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई थीं।
बंगाल चुनाव के दौरान जहांगीर खान उस समय भी सुर्खियों में आया था जब उसने एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी जय पाल शर्मा को कथित तौर पर धमकी दी थी। उस दौरान उसका एक बयान सोशल मीडिया पर काफी वायरल हुआ था, जिसमें उसने फिल्म ‘पुष्पा’ के चर्चित संवाद की तर्ज पर कहा था कि वह “झुकेगा नहीं।” इस बयान को लेकर विपक्षी दलों ने टीएमसी पर भी निशाना साधा था।
फलता विधानसभा सीट पर हुए चुनाव में अंततः भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार को जीत हासिल हुई थी। वहीं जहांगीर खान चुनाव के बाद सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आया और उसके खिलाफ चल रही जांच के बीच वह फरार बताया जा रहा था।
अब नेपाल सीमा से उसकी गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पुलिस की आगे की पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि वह देश छोड़कर भागने की तैयारी कब से कर रहा था और इस दौरान उसे किस-किस का सहयोग प्राप्त था। फिलहाल एसटीएफ की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है।