वाराणसी में उपकार हॉस्पिटल की नर्सिंग छात्राओं द्वारा किया गया चक्का जाम प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के विरोध में नहीं था, बल्कि कॉलेज प्रबंधन की गंभीर लापरवाही के खिलाफ था। छात्राओं का आरोप था कि उन्हें कार्यक्रम में ले जाने के लिए तो बस की व्यवस्था की गई, लेकिन वापसी के समय कोई वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया। मजबूरी में उन्हें करीब ढाई किलोमीटर पैदल चलकर लौटना पड़ा, जिससे कई छात्राओं की तबीयत बिगड़ गई।

इस मामले पर डीसीपी और सीएमओ ने स्पष्ट किया कि यह पूरी तरह अस्पताल प्रबंधन की विफलता है। उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि इस घटना को पीएम के कार्यक्रम से जोड़कर भ्रामक अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन के त्वरित हस्तक्षेप और उचित आश्वासन के बाद छात्राओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया। अधिकारियों ने भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाने का भरोसा भी दिया।