
वाराणसी। मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के प्रस्तावित आगमन एवं भ्रमण कार्यक्रम को ध्यान में रखते हुए पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने कैंप कार्यालय पर सभी राजपत्रित पुलिस अधिकारियों के साथ विस्तृत ब्रीफिंग की। इस दौरान उन्होंने वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर स्पष्ट और कड़े निर्देश दिए।

पुलिस आयुक्त ने निर्देशित किया कि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान पूर्व निर्धारित रूट डायवर्जन योजना का सख्ती से पालन कराया जाए, ताकि यातायात व्यवस्था बाधित न हो। कार्यक्रम समाप्ति के बाद भी जाम की स्थिति न बने, इसके लिए लगातार निगरानी रखने को कहा गया। कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश केवल सघन चेकिंग और फ्रिस्किंग के बाद ही दिया जाए तथा वीवीआईपी मार्ग पर हर गतिविधि पर कड़ी नजर बनाए रखी जाए।
उन्होंने कहा कि सभी पुलिसकर्मियों को ड्यूटी से पहले उनकी जिम्मेदारियों के बारे में स्पष्ट रूप से अवगत कराया जाए। कार्यक्रम स्थल के आसपास अस्थाई पार्किंग की उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और वीवीआईपी मार्ग पर किसी भी वाहन को खड़ा होने की अनुमति न दी जाए। नव नियुक्त आरक्षियों को अनुभवी पुलिसकर्मियों के साथ तैनात करने और उन्हें पहले से आवश्यक दिशा-निर्देश देने के निर्देश भी दिए गए।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस आयुक्त ने विशेष सतर्कता बरतने पर जोर देते हुए कहा कि संभावित जोखिमों का आकलन कर हर स्थिति के लिए तैयार रहें। भीड़ नियंत्रण के दौरान “नो टच पॉलिसी” का पालन अनिवार्य रूप से किया जाए और महिला संबंधित व्यवस्थाएं केवल महिला पुलिसकर्मियों द्वारा ही संभाली जाएं।
इसके अलावा, ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को रस्सी, लाउड हेलर और पीए सिस्टम साथ रखने तथा उनका प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए गए। वीवीआईपी कार्यक्रम स्थल और मार्ग को “नो फ्लाई जोन” घोषित करते हुए ड्रोन सहित सभी उड़ने वाली वस्तुओं पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही, सीसीटीवी और रूफटॉप निगरानी के जरिए हर गतिविधि पर नजर रखने को कहा गया।
पुलिस आयुक्त ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि सभी पुलिसकर्मी समय से ड्यूटी स्थल पर अच्छे टर्नआउट में उपस्थित रहें, ड्यूटी के दौरान मोबाइल फोन का प्रयोग न करें और आम जनता के साथ विनम्र व संवेदनशील व्यवहार बनाए रखें।
इस ब्रीफिंग के दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा, एडीएम सिटी आलोक कुमार वर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे, जबकि सभी थाना प्रभारी गूगल मीट के माध्यम से ऑनलाइन जुड़े।