
वाराणसी- पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी के वरुणा जोन में गुमशुदा और अपहृत व्यक्तियों की बरामदगी को लेकर पुलिस उपायुक्त श्री प्रमोद कुमार ने कड़ा रुख अपनाया है। पुलिस आयुक्त के निर्देशन में डीसीपी वरुणा जोन ने सभी थाना प्रभारियों और अधिकारियों को इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेकर काम करने के निर्देश दिए हैं। डीसीपी प्रमोद कुमार ने कहा है कि किसी भी गुमशुदगी या अपहरण की सूचना मिलते ही बिना देर किए मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की जाए। गुमशुदा व्यक्ति का हुलिया, फोटो, मोबाइल नंबर और सोशल मीडिया अकाउंट की जानकारी तुरंत सभी थानों को भेजी जाए।
उन्होंने कहा कि तलाश में मोबाइल सीडीआर लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और सोशल मीडिया जैसे तकनीकी साक्ष्यों का भरपूर इस्तेमाल किया जाए। परिजनों, दोस्तों और करीबियों से गहन पूछताछ की जाए। रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, होटल, अस्पताल और बाजारों के सीसीटीवी फुटेज तुरंत चेक और सुरक्षित किए जाएं। नाबालिगों के मामलों में सबसे ज्यादा संवेदनशीलता बरतने को कहा डीसीपी ने विशेष रूप से कहा कि नाबालिग बालक-बालिकाओं से जुड़े मामलों में सबसे ज्यादा संवेदनशीलता और तेजी दिखाई जाए। अगर गुमशुदा के दूसरे जिले या राज्य में जाने की आशंका हो तो वहां की पुलिस से तुरंत संपर्क कर संयुक्त टीम बनाकर तलाश की जाए। पुराने लंबित मामलों की भी केस-वार समीक्षा कर नया प्लान बनाने को कहा गया है। बरामदगी के बाद बयान, मेडिकल और अन्य कानूनी कार्रवाई तुरंत पूरी की जाए। डीसीपी वरुणा जोन ने साफ चेतावनी दी है कि इस काम में लापरवाही या शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और थाना स्तर पर रोज समीक्षा होगी। जब तक बरामदगी नहीं हो जाती, तब तक लगातार ठोस प्रयास जारी रहेंगे।
