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आचार्य यदुनायक: जिले का गौरव

Hamari sevaye

चंदौली जिले के मसौनी गांव के निवासी आचार्य यदुनायक ने मात्र 24 वर्ष की आयु में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित होकर जिले का मान बढ़ाया है। आचार्य यदुनायक, जिनका पूरा नाम संबित भूषण है, पूर्व विधायक राजर्षि राजित प्रसाद यादव के पौत्र हैं और फ़िल्म अभिनेता डॉ. भारत भूषण यादव के पुत्र हैं। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे जनपद को गर्व से भर दिया है।

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आचार्य यदुनायक की शिक्षा काशी हिंदू विश्वविद्यालय और पतंजलि योगपीठ, हरिद्वार से हुई है। उन्होंने योग विषय में राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा (नेट) उत्तीर्ण की है, जो उनके ज्ञान और मेहनत का प्रमाण है। योग के क्षेत्र में उनकी गहरी रुचि और अध्ययन का परिणाम है कि उनके द्वारा लिखित भक्ति योग पर दो ग्रंथों का विमोचन भी हाल ही में हुआ है।

आचार्य यदुनायक का चयन एशिया की प्रतिष्ठित लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा केंद्रीय विश्वविद्यालय, ग्वालियर में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हुआ है। यह न केवल उनके व्यक्तिगत करियर के लिए बल्कि चंदौली जिले के लिए भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। दूरभाष पर हुई बातचीत में आचार्य यदुनायक ने बताया कि इस सफलता का श्रेय वे अपने पूज्य दादाजी राजर्षि राजित प्रसाद यादव से प्राप्त संस्कारों को देते हैं।

इस उपलब्धि पर जनपद के गणमान्य व्यक्तियों और शुभचिंतकों ने खुशी व्यक्त की है। राम प्रताप यादव, स्वामी ब्रह्मांड भैरव शरण, डॉ. अनवर हुसैन, हरिद्वार यादव, और अन्य लोगों ने आचार्य यदुनायक को बधाई दी है और उनकी इस उपलब्धि को प्रेरणादायक बताया है। आचार्य यदुनायक की यह सफलता युवाओं के लिए एक प्रेरणा स्रोत है और यह दर्शाती है कि समर्पण और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।

आचार्य यदुनायक का यह सफर यहीं नहीं रुकेगा। उनका कहना है कि वे भविष्य में भी योग के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छूने के लिए निरंतर प्रयासरत रहेंगे। उनके इस समर्पण और सफलता की कहानी आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी।

गणपत राय ब्यूरो चीफ चंदौली की रिपोर्ट

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