
उन्नाव। मोहान विधानसभा क्षेत्र के नवई इलाके में 4 साल की मासूम बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने की कोशिश का मामला सामने आया है। घटना को लेकर पूर्व सपा प्रत्याशी आँचल वर्मा ने प्रशासन और पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पकड़ी गई किशोरी को मानसिक रूप से बीमार बताकर परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया, जबकि उसके साथ मौजूद दूसरी महिला मौके से फरार हो गई।

बताया जा रहा है कि कल क्षेत्र भ्रमण के दौरान आँचल वर्मा को एक स्थान पर भीड़ लगी दिखाई दी। ग्रामीणों के मुताबिक, 14-15 वर्ष की एक लड़की पर 4 साल की बच्ची अल्फिज़ा को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप था। बच्ची की 8 वर्षीय बहन टिमकी के शोर मचाने पर ग्रामीणों ने एक लड़की को पकड़ लिया, जबकि दूसरी महिला मौके से फरार हो गई। ग्रामीणों का दावा है कि पकड़ी गई लड़की जुलाई में भी इसी इलाके में संदिग्ध परिस्थितियों में पकड़ी गई थी।
आँचल वर्मा ने घटना को मानव तस्करी और बच्चों की सुरक्षा से जोड़ते हुए सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने NCRB के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि पिछले तीन वर्षों में बच्चों के गुमशुदा होने के मामले कई गुना बढ़े हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश में पिछले वर्ष 3 हजार से अधिक बच्चों के लापता होने का दावा करते हुए प्राथमिक विद्यालयों के मर्जर को भी बच्चों की सुरक्षा से जोड़कर चिंता जताई।
पूर्व सपा प्रत्याशी का आरोप है कि थाने में SHO ने पकड़ी गई आरोपी को मानसिक रूप से बीमार बताते हुए परिजनों के सुपुर्द कर दिया। उन्होंने कानपुर के किडनी ट्रांसप्लांट मामले और लोधी समाज के दो बच्चों के अपहरण की पुरानी घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में अभी तक FIR दर्ज नहीं की गई है।
फिलहाल आँचल वर्मा ने पूरे मामले को लेकर पुलिस कप्तान से मुलाकात करने की बात कही है। उन्होंने फरार महिला की गिरफ्तारी और पकड़ी गई आरोपी के उचित पुनर्वास की मांग की है। अब पुलिस की जांच और प्रशासन की कार्रवाई के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर साफ हो सकेगी।