

रायबरेली। हरचंदपुर थाना क्षेत्र के ओई गांव में जमीन धंसने के बाद सामने आई रहस्यमयी सुरंग अब पूरे जिले में चर्चा का केंद्र बन गई है। सुरंग के भीतर से प्राचीन मिट्टी की सुराही, हैंडल वाली धूपदानी (हांडी) और अन्य पुराने अवशेष मिलने के बाद इसके ऐतिहासिक महत्व को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को वैज्ञानिक जांच के लिए बुलाया है। टीम मंगलवार सुबह मौके का निरीक्षण कर विस्तृत सर्वेक्षण करेगी।

ग्रामीणों के अनुसार, लगातार बारिश के कारण गांव के एक पुराने टीले पर स्थित खेत की मिट्टी अचानक धंस गई, जिससे करीब एक मीटर चौड़ा और कई मीटर गहरा गड्ढा बन गया। जब लोगों ने गड्ढे के भीतर देखा तो वहां पुरानी ईंटों से बनी सुरंग जैसी संरचना दिखाई दी। इसके अंदर मिले प्राचीन मिट्टी के बर्तनों और अन्य अवशेषों ने इस खोज को और भी रहस्यमयी बना दिया।
जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका के निर्देश पर प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम को जांच के लिए बुलाया। महाराजगंज के उपजिलाधिकारी चंद्र प्रकाश गौतम की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर अब आधुनिक वैज्ञानिक तकनीकों से स्थल का सर्वेक्षण कराया जाएगा। जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास होगा कि सुरंग किस कालखंड की है, इसका निर्माण किस उद्देश्य से किया गया था और यहां मिले अवशेषों का ऐतिहासिक महत्व क्या है।
सुरंग की खबर फैलते ही प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंचने लगे। कई लोग गड्ढे के भीतर उतरने की कोशिश भी कर रहे थे, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका पैदा हो गई। इसे देखते हुए प्रशासन ने पूरे क्षेत्र की बैरिकेडिंग कर दी है और सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मियों की 24 घंटे तैनाती की गई है। लोगों से सुरक्षा घेरा पार न करने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
अब सभी की निगाहें पुरातत्व विभाग की वैज्ञानिक जांच पर टिकी हैं। विशेषज्ञों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि ओई गांव की यह रहस्यमयी सुरंग इतिहास के किस अध्याय से जुड़ी है और इसके भीतर छिपे रहस्यों का सच आखिर क्या है। फिलहाल इस अनोखी खोज ने पूरे रायबरेली समेत आसपास के क्षेत्रों में लोगों की उत्सुकता बढ़ा दी है।