

फतेहपुर। हथगांव ब्लॉक क्षेत्र के पट्टी शाह शिवाला घाट के पास लाखों रुपये की लागत से बनाया गया मुक्ति केंद्र आज भी मूलभूत सुविधाओं के अभाव में बदहाली का शिकार है। सरकार की ओर से मुक्ति केंद्र का निर्माण तो करा दिया गया, लेकिन वहां तक पहुंचने वाला रास्ता अब भी कच्चा और जर्जर है। इसके चलते अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, मुक्ति केंद्र तक जाने वाला रास्ता खराब होने के कारण शव लेकर आने वाले वाहनों को करीब 200 मीटर पहले ही रोकना पड़ता है। इसके बाद परिजनों को शव, लकड़ी और अंतिम संस्कार की अन्य सामग्री हाथों से खींचकर घाट तक ले जानी पड़ती है। गर्मी के मौसम में कड़ी धूप और बारिश के दौरान कीचड़ के बीच यह समस्या और गंभीर हो जाती है।
लोगों का कहना है कि जब सरकार ने लाखों रुपये खर्च कर मुक्ति केंद्र का निर्माण कराया है तो वहां तक पहुंचने के लिए उचित और पक्का मार्ग भी होना चाहिए। रास्ते की बदहाली के कारण केंद्र का उद्देश्य ही प्रभावित हो रहा है।
कागजों में पूरा, जमीन पर अधूरा?
मुक्ति केंद्र की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों ने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या निर्माण कार्य केवल कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रह गया है? यदि केंद्र तैयार है तो वहां तक पहुंचने की बुनियादी सुविधा अब तक क्यों नहीं उपलब्ध कराई गई?
स्थानीय लोगों और मृतकों के परिजनों ने जिलाधिकारी निधि गुप्ता से मामले का तत्काल संज्ञान लेने की अपील की है। लोगों ने मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर मुक्ति केंद्र तक जाने वाले रास्ते को जल्द से जल्द पक्का और सुरक्षित कराया जाए, ताकि अंतिम संस्कार के दौरान लोगों को अनावश्यक परेशानी न उठानी पड़े।
फतेहपुर से प्रमोद दुबे की रिपोर्ट, द वॉयस इंडिया न्यूज।