

उन्नाव। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की प्रभारी सचिव आकांक्षा बाजपेई ने शनिवार को जिला कारागार उन्नाव का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने बंदियों से संवाद कर उन्हें उनके विधिक अधिकारों एवं नि:शुल्क कानूनी सहायता योजनाओं की जानकारी दी।
निरीक्षण के दौरान प्रभारी सचिव ने जेल अधीक्षक नीरज देव को निर्देश दिए कि बंदियों द्वारा दिए जाने वाले प्रार्थना पत्रों को बिना विलंब संबंधित न्यायालयों को भेजा जाए तथा पात्र बंदियों को नि:शुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने आगामी राष्ट्रीय लोक अदालत (12 सितंबर) तथा ई-जेल लोक अदालत (25 अगस्त) के संबंध में भी बंदियों को जानकारी देकर अधिक से अधिक लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया।
प्रभारी सचिव ने बैरकों, जेल चिकित्सालय तथा गौशाला का भी निरीक्षण किया। महिला बैरक में कूलर लगाने और ठंडे पेयजल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही महिला बंदियों के साथ रह रहे बच्चों के टीकाकरण, पोषण एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने को कहा।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने बंदियों से खान-पान, स्वास्थ्य सेवाओं और रहन-सहन की व्यवस्थाओं के संबंध में भी जानकारी ली तथा आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जेल अधीक्षक नीरज देव सहित जिला कारागार के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
