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पंडित कमलापति त्रिपाठी की तुलना धनबल-बाहुबल की राजनीति करने वालों से करना आपत्तिजनक: वैभव कुमार त्रिपाठी ‘डबलू’

Hamari sevaye

सैयदराजा। सैयदराजा शहीद स्मारक पर आयोजित श्रद्धांजलि कार्यक्रम में स्थानीय विधायक की तुलना स्वतंत्रता संग्राम सेनानी, प्रखर पत्रकार एवं राजनीतिक सुचिता के प्रतीक स्वर्गीय पंडित कमलापति त्रिपाठी से किए जाने पर कांग्रेस प्रवक्ता वैभव कुमार त्रिपाठी ‘डबलू’ ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इस तुलना को चाटुकारिता की पराकाष्ठा, निंदनीय और पंडित कमलापति त्रिपाठी की विरासत का अपमान बताया।

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वैभव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि पंडित कमलापति त्रिपाठी का पूरा सार्वजनिक जीवन सत्य, अहिंसा, सत्याग्रह, त्याग, संघर्ष और राजनीतिक सुचिता का प्रतीक रहा। उन्होंने अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचारों के खिलाफ संघर्ष किया और स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आजादी के बाद भी उन्होंने देश के नवनिर्माण में योगदान दिया तथा संविधान सभा से लेकर राष्ट्र निर्माण तक पंडित जवाहरलाल नेहरू के साथ महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

उन्होंने कहा कि चन्दौली से पंडित कमलापति त्रिपाठी का गहरा आत्मीय संबंध था। क्षेत्र के विकास और चन्दौली को कृषि के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में उनका योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने चन्दौली को ‘धान का कटोरा’ के रूप में विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि शहीद स्मारक का मंच सर्वसमाज और गैर-राजनीतिक मंच है, जहां विभिन्न दलों और विचारधाराओं से जुड़े लोग शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्र होते हैं। ऐसे पवित्र मंच पर किसी व्यक्ति विशेष की राजनीतिक प्रशंसा और पंडित कमलापति त्रिपाठी से तुलना करना इसकी गरिमा के अनुरूप नहीं है।

उन्होंने कहा कि पंडित कमलापति त्रिपाठी किसी व्यक्ति विशेष से तुलना का विषय नहीं, बल्कि एक विचार, आदर्श और गौरवशाली राजनीतिक विरासत हैं। उनकी राजनीति सत्ता या व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र, समाज और क्षेत्र की सेवा के लिए समर्पित थी।

वैभव कुमार त्रिपाठी ने कहा कि इस प्रकार की तुलना से वे अत्यंत आहत हुए। उन्होंने शहीद स्मारक की गरिमा को सर्वोपरि रखते हुए शहीदों को नमन किया, श्रद्धांजलि अर्पित की और वहां से निकल गए। उन्होंने कहा कि श्रद्धांजलि एवं शहीद स्मारक जैसे पवित्र अवसरों को राजनीतिक चाटुकारिता का मंच नहीं बनाया जाना चाहिए। शहीद स्मारक की सर्वदलीय भावना, सामाजिक सद्भाव और गरिमा बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।

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