
लखनऊ। राजधानी लखनऊ के पॉश इलाके हजरतगंज में सड़क हादसे की कवरेज करने पहुंचे पत्रकारों के साथ पुलिसकर्मियों द्वारा कथित तौर पर अभद्रता किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने पत्रकारों से बदसलूकी करने के साथ उनकी बाइक जबरन सीज कर दी और सवाल पूछने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी भी दी।

घटना से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बाद पत्रकारों में नाराजगी बढ़ गई है। पत्रकारों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर हुई घटना की कवरेज करना उनका पेशेवर दायित्व है। ऐसे में कवरेज के दौरान पत्रकारों के साथ कथित दुर्व्यवहार और धमकी देना गंभीर मामला है।
इस घटना ने पुलिस की कार्यशैली को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या किसी सार्वजनिक घटना की जानकारी जुटाना और सवाल पूछना पत्रकार का अपराध है? क्या पुलिसकर्मी अपने पद और अधिकार का इस्तेमाल पत्रकारों को डराने-धमकाने के लिए कर सकते हैं?
पत्रकारों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।